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ठाणे सिविल में 1दिन में 34बच्चों की सर्जरी का कीर्तिमान

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ठाणे सिविल में 1दिन में 34बच्चों की सर्जरी का कीर्तिमान


मुंबई,22 जून ( हि.स.) । ठाणे जिला सामान्य शासकीय (सिविल) अस्पताल ने कटे होंठ, हर्निया, हाइड्रोसील, ब्लड क्लॉट, फाइमोसिस, गर्दन और पेट के ट्यूमर और चिपकी हुई उंगलियों जैसी जन्मजात और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे बच्चों को नई ज़िंदगी देने का काम शुरू किया है। रविवार को नेशनल चाइल्ड हेल्थ प्रोग्राम के तहत एक दिन में 34 बच्चों की अलग-अलग सर्जरी सफलतापूर्वक की गईं।

ठाणे, पालघर और रायगढ़ ज़िलों के आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों के बच्चों को इस पहल से बहुत फ़ायदा हुआ। निजी अस्पतालों में लाखों रुपये खर्च होने वाली कई शस्त्र क्रिया सरकार ने पूरी तरह मुफ़्त में कीं। इससे कई माता-पिता की आँखों में खुशी के आँसू आ गए।

ठाणे जिला सर्जन डॉ. कैलाश पवार और अतिरिक्त जिला सर्जन डॉ. धीरज महानगड़े की देखरेख में अस्पताल प्रशासन ने सर्जरी के लिए भर्ती बच्चों के रहने, खाने और दूसरी ज़रूरी सुविधाओं का पूरा इंतज़ाम किया था। (KEM) केईएम हॉस्पिटल के पूर्व डीन डॉ. संजय ओक और उनकी टीम ने लेटेस्ट इक्विपमेंट का इस्तेमाल करके सभी सर्जरी सफलतापूर्वक कीं।

आज भी, कई माता-पिता पैसे की तंगी के कारण अपने बच्चों की सर्जरी टाल देते हैं। नेशनल चाइल्ड हेल्थ प्रोग्राम ऐसे परिवारों के लिए उम्मीद की एक किरण है। आरबीएसके जिला प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर विनोद जोशी ने बताया कि अगर सही समय पर बीमारी का पता लगाकर इलाज किया जाए, तो कई बच्चे हेल्दी और काबिल ज़िंदगी जी सकते हैं।

ठाणे सिविल हॉस्पिटल ने एक बार फिर साफ उदाहरण दिया है कि सरकारी अस्पतालों में भी अच्छी क्वालिटी और मुश्किल सर्जरी सफलतापूर्वक की जा सकती हैं। यह पहल सिर्फ एक मेडिकल सर्विस नहीं है, बल्कि एक सोशल कमिटमेंट है जो ज़रूरतमंद परिवारों की ज़िंदगी में खुशी और भरोसा पैदा करती है।

ठाणे जिला सिविल सर्जन डॉ पवार का कहना है कि -हमारी भावना है कि पैसे की तंगी के कारण कोई भी बच्चा इलाज से वंचित न रहे। डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में 0 से 18 साल के 34 बच्चों का ऑपरेशन किया गया, जबकि खास इलाज की ज़रूरत वाले 14 बच्चों को पार्टनर प्राइवेट अस्पतालों में फ्री सर्जरी की सुविधा दी गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / रवीन्द्र शर्मा