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महाराष्ट्र में फर्जी छात्रों के नाम 1.62 करोड़ का सब्सिडी घोटाला

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मुंबई, 18 जुलाई (हि.स.)। महाराष्ट्र में ओबीसी छात्रों के लिए चलाए जाने वाले छात्रावासों में 1.62 करोड़ रुपये का सब्सिडी घोटाला का मामला सामने आया है। यह खुलासा भारत के कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल (कैग) ने अपनी रिपोर्ट में किया है।

हाल ही में मानसून सत्र में विधानमंडल के दोनों सदनों में पेश की गई कैग की रिपोर्ट में इसका खुलासा किया गया है। पिछड़े वर्ग के छात्रों की गलत संख्या दिखाकर सरकारी सब्सिडी में अनियमितता की गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सामाजिक न्याय व विशेष सहायक विभाग ने कई मामलों में बिना प्रत्यक्ष जांच किए बिना सब्सिडी बांटी है। जालना, बुलढाणा और लातूर जिले के 6 अनुदानित छात्रावासों की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पाया गया कि कुछ हॉस्टेल बंद थे, कुछ जगहों पर विद्यार्थी नहीं रह रहे थे. एक हॉस्टल में तो एक छात्रा की उम्र केवल एक साल दिखाई गई थी। पाया गया है कि कुछ जगहों पर कमरों में विद्यार्थियों नहीं थे। वहां लकड़ी और दूसरे सामान रखे गए थे।

रिपोर्ट में कहा गया है कि 2019 से 2024 के बीच इन 6 छात्रावासों को कुल 1.62 करोड़ रुपये अनुदान दिए गए। राज्य में 2,388 सब्सिडी वाले हॉस्टल में भी इसी तरह की गड़बड़ियों की आशंका जताई गई है। कैग ने लाभर्थियों का निरीक्षण, नियमित जांच और उत्तरदायित्व तय करने की सिफारिश की है।

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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार