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विधान परिषद चुनाव : कांग्रेस ने ठोंका दावा, महाविकास आघाड़ी में बढ़ी टेंशन

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मुंबई, 15 अप्रैल (हि.स.)। भारत चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र विधान परिषद की रिक्त हो रही 9 सीटों के लिए चुनाव की घोषणा कर दी है। इन सीटों पर अगले महीने 12 मई को मतदान होगा और नतीजे उसी दिन शाम को घोषित किए जाएंगे। इस चुनाव में शिवसेना (ठाकरे गुट) के पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे की प्रतिष्ठा दांव पर है। महाविकास आघाड़ी संख्या बल के हिसाब से केवल एक ही सीट जीत सकती है। एसे में कांग्रेस ने दावा ठोंक कर महाविकास आघाड़ी में टेंशन बढ़ा दी है।

कांग्रेस पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा है कि हाल में हुए राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस का उम्मीदवार होना चाहिए था और विधान परिषद के लिए महाविकास आघाड़ी की ओर से उद्धव ठाकरे को उम्मीदवारी दी जानी चाहिए थी। यह कांग्रेस की भूमिका थी। लेकिन एनसीपी मुखिया शरद पवार को राज्यसभा भेजा गया. यदि उद्धव चुनाव नहीं लड़ते हैं, तो कांग्रेस को उम्मीदवारी मिलनी चाहिए। विधान परिषद में एक सीट कांग्रेस के राजीव सातव की थी. उनके निधन के बाद उनकी पत्नी प्रज्ञा सातव को पार्टी ने उम्मीदवार बनाया था, लेकिन उन्होंने इस्तीफा दे दिया। उस सीट पर कांग्रेस के उम्मीदवार को निर्विरोध चुना जाना चाहिए। इसके लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को बारामती की परंपरा का पालन करना चाहिए।

पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे सहित 9 सदस्यों का कार्यकाल 13 मई को समाप्त हो रहा है। यदि चुनाव निर्विरोध नहीं हुआ तो महायुति और महाविकास आघाड़ी के बीच दिलचस्प मुकाबला होगा। जिन 9 एमएलसी का कार्यकाल पूरा हो रहा है, उनमें उद्धव ठाकरे, शिवसेना शिंदे गुट की नेता व उपसभापति नीलम गोरहे, भाजपा के संजय केनेकर, संदीप जोशी, दादाराव केचे, रणजीतसिंह मोहिते-पाटिल, राकांपा (एपी) के अमोल मिटकरी, कांग्रेस के राजेश राठौड़ और राकांपा (एसपी) के शशिकांत शिंदे शामिल हैं।

चुनाव आयोग की ओर से घोषित कार्यक्रम के अनुसार, 23 अप्रैल को चुनाव की अधिसूचना जारी होगी। इसके बाद 30 अप्रैल तक उम्मीदवार नामांकन दाखिल कर सकेंगे। नामांकन पत्रों की जांच अगले महीने 2 मई होगी। नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख 4 मई है। मतदान 12 मई को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक कराए जाएंगे और उसी दिन शाम 5 बजे चुनावी परिणाम घोषित किए जाएंगे।

इस चुनाव में विधानसभा के विधायक मतदान करेंगे। जीत के लिए कम से कम 28 वोटों की जरूरत होगी। 288 सदस्यीय विधानसभा में संख्याबल के हिसाब से सत्तापक्ष महायुति का पलड़ा भारी है। महाविकास आघाड़ी केवल एक सीट जीतने की स्थिति में है। महाविकास आघाड़ी में शिवसेना (यूबीटी) के 21, कांग्रेस-16 और एनसीपी (एसपी) के 10 विधायक हैं। महायुति में भाजपा के 132, शिंदे गुट- 56 और एनसीपी (एपी) के 41 विधायक हैं। अन्य के खाते में 12 सीटें हैं। महाविकास आघाड़ी का एक भी दल अपने दम पर एक भी सीट जीतने की स्थिति में नहीं है। राज्यसभा चुनाव में ठाकरे गुट ने अपनी दावेदारी छोड़कर शरद पवार को समर्थन दिया था। इस चुनाव में यदि शरद पवार की पार्टी मित्र धर्म का पालन करते हुए साथ देती है तो उद्धव की राह असान हो सकती है। फिलहाल कांग्रेस का आखिर में रूख का क्या होगा, इस पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार