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ठाणे में 5 दशक पूर्व निर्मित निर्माण नियमित कराने आंदोलन-केलकर

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ठाणे में 5 दशक पूर्व निर्मित निर्माण नियमित कराने आंदोलन-केलकर


मुंबई ,20 मार्च ( हि.स.) । ठाणे शहर में पाटलीपाड़ा-डोंगरीपाड़ा में सरकारी ज़मीन पर 50 से 60 साल पुराने निर्माण कार्यों को नियमित करने के लिए आंदोलन शुरू हो गए हैं। राजस्व मंत्री और जिलाधिकारी के सकारात्मक जवाब से करीब 20 हज़ार लोगों को राहत मिलेगी। विधायक संजय केलकर ने इस बारे में विधानसभा सेशन में आवाज़ उठाई थी और राजस्व मंत्री और ठाणे जिलाधिकारी से फॉलो-अप किया था।

विधायक संजय केलकर ने खोपट में बीजेपी ऑफिस में हुए जनसेवाकच जनसंवाद प्रोग्राम में आज मीडिया को यह जानकारी दी। ठाणे में पाटलीपाड़ा-डोंगरीपाड़ा में करीब चार हज़ार परिवार पिछले 50 से 60 सालों से सरकारी ज़मीन पर रह रहे हैं और वे ग्राम पंचायत के समय से लेकर आज तक टैक्स देते आ रहे हैं। ठाणे मनपा ने भी उन्हें कई तरह की सुविधाएं दी हैं। लेकिन, इन परिवारों को तब झटका लगा जब जिला प्रशासन ने अचानक उनके घर खाली करने का नोटिस जारी कर दिया, यह कहते हुए कि उनके पास सरकारी प्लॉट हैं। इस बारे में उनका कहना है कि वे विधायक संजय केलकर को अपनी शिकायत बताने के बाद, विधायक केलकर ने पिटीशन में आवाज़ उठाई और मांग की कि इन कंस्ट्रक्शन को सेक्शन 51 के नियमों के हिसाब से बनाया जाए। उन्होंने राजस्व विभाग मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले और ठाणे जिलाधिकारी से भी बात की थी। विधायक केलकर ने बताया कि उन्हें इस बारे में राजस्व विभाग से सकारात्मक जवाब मिला है।

धर्मवीरनगर में बीएसयूपी बिल्डिंग्स जर्जर हो गई हैं और हाल ही में यहां एक लिफ्ट गिर गई थी, जिससे कुछ लोग घायल हो गए थे। अधिकारियों को इन बिल्डिंग्स को तुरंत रिपेयर करने के लिए कहा गया है और मिस्टर केलकर ने बताया कि रिपेयर का काम जल्द ही शुरू हो जाएगा।

क्योंकि ठेकेदार ने हजारों अनुबंधित श्रमिकों का बीमा नहीं कराया है, इसलिए घायल श्रमिकों को इसका फायदा नहीं मिल रहा है। हाल ही में काम के दौरान एक श्रमिक घायल हो गया था। लेकिन, बीमा न होने की वजह से मजदूर को इस सुविधा का फायदा नहीं मिला। ऐसे मामलों में ठेकेदार और मनपा प्रशासन भी ज़िम्मेदारी एक-दूसरे पर डाल देते हैं। इसके साथ ही, फाइलेरिया डिपार्टमेंट में कर्मचारियों के पेंडिंग ड्यूज, कंपैशन, विरासत के अधिकार और सातवें पे कमीशन के हिसाब से टीचर्स के मुद्दों को लेकर पहले कमिश्नर के साथ मीटिंग हुई थी। विधायक केलकर ने कहा कि उस समय कमिश्नर के साफ निर्देश देने के बाद भी अधिकारियों ने उन्हें लागू नहीं किया। उन्होंने यह भी कहा कि इस बारे में एक बार फिर अधिकारियों को साफ निर्देश दिए गए हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / रवीन्द्र शर्मा