home page

सागरः धरने पर नपाध्यक्ष सहित महिलाओं ने मोर्चा संभाला,

 | 
सागरः धरने पर नपाध्यक्ष सहित महिलाओं ने मोर्चा संभाला,


सागर, 11 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सागर जिले में देवरी नगर के झुनकू वार्ड में जन सहयोग से चल रहे सौन्दर्यीकरण कार्यो को रोके जाने का मामला तूल पकड़ रहा है। भाजपा मंडल अध्यक्ष की शिकायत पर बिना जांच प्रशासन की बुल्डोजर कार्रवाई के विरोध में धरना प्रदर्शन जारी है। शनिवार को प्रदर्शन के तीसरे दिन देवरी नगरपालिका अध्यक्ष नेहा अलकेश जैन सैकड़ों महिलाओं के साथ धरने पर बैठी और मुख्यमंत्री से मामले में कार्रवाई की मांग की।

विदित हो कि विगत 4 अप्रैल को स्थानीय प्रशासन द्वारा देवरी नगर के झुनकू वार्ड मुक्तिधाम में जनसहयोग से निर्मित हो रहे अस्थित संचय कक्ष, लकड़ी भंडार गृह, गार्ड रूम सहित भगवान आदियोगी स्मारक का फाउन्डेशन अतिक्रमण बताकर जेसीबी से तोड़ दिया था। प्रशासन द्वारा कार्रवाई के बाद शमशान प्रायोजन की भूमि पर बिना अनुमति निर्माण को लेकर जनभागीदारी से सौन्दर्यीकरण कार्य कर रही समिति को नोटिस जारी किया गया था। प्रशासन द्वारा बिना जांच की गई इस अप्रत्याशित कार्रवाई के विरोध में नागरिक आंदोलित है। मामले को लेकर पूर्व में मौन जुलूस निकालकर मुख्यमंत्री के नाम 4 सूत्रीय ज्ञापन भी सौपा गया था। अब मामले में अपनी मांगों के समर्थन में मुक्तिधाम की जनभागीदारी समिति एवं नागरिकों ने स्थानीय नगरपालिका चौराहे पर धरना आरंभ कर दिया है।

धरने के तीसरे दिन नगरपालिका अध्यक्ष नेहा अलकेश जैन ने लगभग 1 सैकड़ा महिलाओं के साथ धरना दिया और मामले में प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से हस्तक्षेप की मांग की। धरना कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजेश मोहन चौधरी ने कहा कि किसी भी समाज में जन सहभागिता उस समाज की जागरूकता का प्रतिबिंब है। देवरी नगर और क्षेत्र का इतिहास सामाजिक चेतना और देश के लिए बलिदान से भरा हुआ है। आजादी की लड़ाई से लेकर आज तक देवरी नगर ने सदा आदर्श प्रस्तुत किया है।

उन्होने कहा कि सरकार की योजनायें और जन कल्याण के सभी कार्यक्रम जन भागीदारी पर आधारित है। जनसहयोग के बिना उनकी सफलता सभव नही है। शासकीय योजनाओं के साथ-साथ आपदा के क्षणों में भी जनता ही सरकार को सहारा देती है। कोरोना के संकट में भी समाजसेवियों और आम जन ने जो जनसहभागिता की उसे भुलाया नही जा सकता। उन्होने कहा कि ये आश्चर्यजनक है कि प्रशासन स्वयं जनभागीदारी के सकारात्मक संदेश को धूमिल करने का प्रयास कर रहा है। सामुदायिक हित से जुड़े ऐसे मामलों में गंदी राजनीति तत्काल बंद होनी चाहिए।

कार्यक्रम में नरेश सौधिया, संजय वर्मा, सुदामा कनकने, वीरेन्द्र जिजौतिया, जगत ठाकुर, संजय घोरपड़े, नर्मदा वाल्मीकी, कश्यप बौहरे, जिनेन्द्र कोष्टी, ज्ञानी कोष्टी, राजेश चौरसिया, किशन लखेरा, अखलेश नामदेव, आलोक नामदेव, राजा गुप्ता, सुनील विश्वकर्मा, प्रेमचंद कोष्टी, प्रेमलाल कोष्टी, बबलू पाल, अलकेश जैन, शिवा नामदेव, वैभव खत्री, बाबा चौरसिया सहित लगभग 150 व्यक्ति धरने पर बैठे। और मामले में शासन से हस्तक्षेप की मांग की।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार चौबे