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सागरः कलेक्टर ने किया सीएमएचओ कार्यालय का औचक निरीक्षण, 42 में से 21 कर्मचारी मिले गायब

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सागरः कलेक्टर ने किया सीएमएचओ कार्यालय का औचक निरीक्षण, 42 में से 21 कर्मचारी मिले गायब


सागर, 19 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सागर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और शासकीय कार्यों में प्रशासनिक कसावट लाने के उद्देश्य से कलेक्टर प्रतिभा पाल ने शुक्रवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय का औचक निरीक्षण किया।

इस दौरान कार्यालय में भारी लापरवाही उजागर हुई। जब कलेक्टर ने उपस्थिति पंजी (रजिस्टर) की जांच की, तो दफ्तर के कुल 42 अधिकारियों और कर्मचारियों में से 21 लोग बिना किसी पूर्व सूचना या स्वीकृत अवकाश के ड्यूटी से नदारद मिले।

इस घोर लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने अनुपस्थित पाए गए सभी 21 अधिकारी-कर्मचारियों का तत्काल 3 दिन का वेतन काटने और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही करने के निर्देश जारी किए हैं। निरीक्षण के दौरान अनुविभागीय अधिकारी अमन मिश्रा, सीएमएचओ डॉ. जी.पी. राय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी और प्रशासनिक अमला मौजूद था।

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने केवल हाजिरी रजिस्टर ही नहीं देखा, बल्कि उन्होंने सीएमएचओ कार्यालय परिसर का सघन भ्रमण कर वहां संचालित हो रही सभी शाखाओं का गहन निरीक्षण किया। कलेक्टर ने यहाँ कर्मचारियों के अवकाश, क्लेम्स और सर्विस बुक आदि के संधारण की स्थिति देखी। उन्होंने निर्देश दिए कि शासकीय कर्मचारियों से जुड़े इन मामलों का निपटारा समय-सीमा के भीतर किया जाए और इसमें किसी भी स्तर पर लेटलतीफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्टर ने लिपिक शाखा तथा नेशनल हेल्थ मिशन यूनिट सहित विभिन्न विभागों की टेबल पर जाकर फाइलों और रिकॉर्ड के रखरखाव की स्थिति का जायजा लिया। इसके साथ ही एनएचएम यूनिट के तहत जिले में चल रही विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

निरीक्षण के दौरान आधी से ज्यादा कुर्सी खाली मिलने पर कलेक्टर ने सीएमएचओ को निर्देशित किया कि सभी अनुपस्थित कर्मचारियों को तत्काल 'कारण बताओ नोटिस' जारी किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासकीय कार्यों में इस तरह की अनुशासनहीनता और लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

कलेक्टर ने सीएमएचओ को सख्त लहजे में हिदायत देते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग सीधे तौर पर आम जनता और मरीजों की सेवाओं से जुड़ा हुआ विभाग है। कार्यालय में आने वाले नागरिकों और दूर-दराज के गांवों से आने वाले लोगों को अपने काम के लिए परेशान न होना पड़े, यह सुनिश्चित करना विभाग की जिम्मेदारी है।

उन्होंने पूरे दफ्तर परिसर में स्वच्छता बनाए रखने, फाइलों का सुव्यवस्थित रखरखाव करने और सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को निर्धारित समय पर अनिवार्य रूप से दफ्तर में उपस्थित रहने की कड़ी चेतावनी दी है। कलेक्टर के इस कड़े एक्शन से जिले के अन्य शासकीय विभागों में भी हड़कंप मच गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार चौबे