भोपाल के होम्योपैथी वैलनेस सेंटर को आज मिलेगा आयुष और एकीकृत चिकित्सा नवाचार सम्मान-2026
भोपाल, 19 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के भोपाल में आयुष परिसर स्थित शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय चिकित्सालय की होम्योपैथी वैलनेस सेंटर को आज गुरुवार को देहरादून में आयोजित समारोह में उत्तराखंड सरकार के राज्य सशक्तिकरण एवं परिवर्तन संस्थान (एसईटीयू) आयोग द्वारा आयुष और एकीकृत चिकित्सा नवाचार सम्मान- 2026 प्रदान किया जाएगा।
होम्योपैथी चिकित्सा महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. एसके मिश्रा ने बताया कि यह सम्मान देश भर में होने वाले नवोन्मेषों को प्रोत्साहित करने के लिए दिया जाता है। इस सम्मान को प्राप्त करने वाला शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय भोपाल का होम्योपैथी वैलनेस सेंटर एकमात्र शासकीय होम्योपैथी संस्थान है, जिसे आयुष एवं इंटीग्रेटिव मेडिसिन श्रेणी में यह पुरस्कार प्रदान किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय चिकित्सालय भोपाल की होम्योपैथी वैलनेस सेंटर को, केंद्रीय योग व प्राकृतिक अनुसंधान परिषद भारत सरकार के सहयोग से संयुक्त रूप में संचालित किया जाता है। वर्ष 2016 से संचालित होम्योपैथी वैलनेस सेंटर को प्रदेश के आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार के प्रयत्नों से वर्ष 2024 में नवीन भवन में स्थापित किया गया।
प्रधानाचार्य डॉ.मिश्रा ने बताया कि केंद्र में होम्योपैथी प्राकृतिक चिकित्सा व योग के माध्यम से रोगियों एवं स्वस्थ लोगों को उपचार व सुविधा प्रदान की जाती है। देश भर में इस प्रकार का यह एकमात्र केंद्र है और अभी तक सवा लाख से अधिक लाभार्थियों को इस केंद्र में सेवाएं प्रदान की गई है। इस केंद्र में, प्रदेश व आयुष मंत्रालय भारत सरकार द्वारा विशेषज्ञों को पदस्थापित किया गया है, जिससे अनेक बीमारियों की पहचान कर उनका उपचार प्रदान किया जा सके।
उन्होंने बताया कि होम्योपैथी चिकित्सा महाविद्यालय परिसर में भारत सरकार के सहयोग से और विशेषज्ञों के निरंतर प्रयास से बहुत बड़ी संख्या में हड्डी व जोड़ों की समस्याओं में लकवा पक्ष की समस्याओं में मोटापा, हाइपोथायरायडिज्म, डायबिटीज एवं हाइपरटेंशन जैसी जीवनचर्या जनित रोगों में यह केंद्र बहुत उपयोगी साबित हुआ है
डॉ. मिश्रा ने बताया कि भारत सरकार के अन्य अनुसंधान परिषदों द्वारा यहां पर विस्तृत एवं व्यापक अनुसंधान किया जा रहे हैं। वर्तमान में पक्षाघात व थायराइड रोग से ग्रसित लोगों की पंजीयन संख्या अधिक है, जो यहां से लाभ प्राप्त करते हैं। डॉ मिश्रा ने बताया कि पूर्व में राज्य नीति आयोग के नाम से प्रचलित उत्तराखंड का सेतु आयोग, देश में नवीन प्रयोग एवं विविध प्रकार के नवोन्मेष को प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए एक अग्रणी संस्थान सिद्ध हो रहा है।
केंद्र की नोडल अधिकारी डॉ. जूही गुप्ता ने बताया कि यह केंद्र अपने आप में होम्योपैथी और प्राकृतिक चिकित्सा का एक अद्भुत संगम है। केंद्र के विषय में अधिक जानकारी के लिए दूरभाष क्रमांक 0755-2992970 पर संपर्क किया जा सकता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

