home page

नरवाई जलाने पर सख्ती: हर मामले में अनिवार्य रूप से दर्ज होगी एफआईआर

 | 
नरवाई जलाने पर सख्ती: हर मामले में अनिवार्य रूप से दर्ज होगी एफआईआर


राजगढ़, 8 अप्रैल (हि.स.)। मध्‍य प्रदेश के राजगढ़ जिले में बढ़ती नरवाई जलाने की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए कलेक्टर डॉ. गिरीशकुमार मिश्रा और पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी की संयुक्त अध्यक्षता में बुधवार को समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के सभी एसडीएम और एसडीओपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।

बैठक के दौरान नरवाई जलाने के मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई। नरसिंहगढ़ क्षेत्र में कार्रवाई को लेकर असंतोष जताते हुए कलेक्टर और एसपी ने सख्त निर्देश दिए कि नरवाई जलाने के हर मामले में अनिवार्य रूप से एफआईआर दर्ज की जाए और दोषियों पर कड़े आर्थिक दंड लगाए जाएं, ताकि ऐसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।

कलेक्टर ने कृषि विभाग के उप संचालक को निर्देश दिए कि सप्ताह में कम से कम तीन दिन एसएडीओ को मैदानी निरीक्षण पर भेजा जाए, जिससे खेतों में हो रही गतिविधियों पर निगरानी रखी जा सके। बैठक में जिले के बाहर से लाई गई हार्वेस्टर मशीनों की जानकारी भी ली गई, जिनका उपयोग नरवाई प्रबंधन में किया जा रहा है।

सैटेलाइट से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर नरवाई जलाने की घटनाओं का विश्लेषण किया गया। कलेक्टर ने सभी एसडीएम को निर्देशित किया कि वे पटवारियों को मौके पर भेजकर प्रत्येक घटना की सटीक और समयबद्ध रिपोर्ट सुनिश्चित करें। साथ ही, क्षेत्र में सतत निगरानी रखने और जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए।

कलेक्टर डॉ. मिश्रा और एसपी अमित तोलानी ने स्पष्ट किया कि नरवाई जलाना दंडनीय अपराध है, जिससे पर्यावरण और जनजीवन को गंभीर नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / मनोज पाठक