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दिव्यांग युवक सीढ़ियां नहीं चढ़ सका तो जनसुनवाई छोड़ स्वयं नीचे पहुंचे कलेक्टर

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दिव्यांग युवक सीढ़ियां नहीं चढ़ सका तो जनसुनवाई छोड़ स्वयं नीचे पहुंचे कलेक्टर


दिव्यांग युवक सीढ़ियां नहीं चढ़ सका तो जनसुनवाई छोड़ स्वयं नीचे पहुंचे कलेक्टर


छिंदवाड़ा, 11 अगस्त (हि.स.)। आम लाेगाें की जनसमस्याओं के निराकरण को लेकर सक्रिय छिंदवाड़ा कलेक्टर हरेंद्र नारायण ने मंगलवार को संवेदनशीलता की मिसाल पेश की। कलेक्ट्रेट की पहली मंजिल पर चल रही जनसुनवाई में अपनी समस्या लेकर पहुंचे दिव्यांग युवक के सीढ़ियां नहीं चढ़ पाने की जानकारी मिलते ही कलेक्टर स्वयं जनसुनवाई से उठकर नीचे पहुंचे और युवक से उसकी समस्या सुनी।

जानकारी के अनुसार ग्राम निवासी शंकर कहार दोनों पैरों से दिव्यांग हैं। वह अपनी समस्या का आवेदन लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे थे, लेकिन पहली मंजिल तक जाने के लिए सीढ़ियां चढ़ पाना उनके लिए संभव नहीं था। इसकी जानकारी कलेक्टर हरेंद्र नारायण को मिली तो उन्होंने किसी औपचारिकता का इंतजार किए बिना स्वयं नीचे जाकर दिव्यांग युवक से मुलाकात की।

शंकर कहार ने कलेक्टर को दिए आवेदन में बताया कि उनके पास आने-जाने का कोई साधन नहीं है। वह गुब्बारे बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। सीमित आमदनी के कारण आजीविका चलाने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने आवागमन और अपना काम सुचारु रूप से करने के लिए ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराने की मांग की।

कलेक्टर ने युवक की समस्या को गंभीरता से सुनने के बाद संबंधित अधिकारी को उसके प्रकरण का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर के इस व्यवहार की जनसुनवाई में मौजूद लोगों ने सराहना की। उनके इस कदम से यह संदेश भी गया कि जनसुनवाई का उद्देश्य केवल लोगों से आवेदन प्राप्त करना नहीं, बल्कि जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचकर उसकी समस्या को समझना और उसके समाधान की दिशा में तत्काल पहल करना भी है।

हिन्दुस्थान समाचार / sandeep chowhan