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झाबुआ: पर्यावरण संरक्षण हेतु सामुदायिक प्रयास किए जाने की जरूरत; निर्मला भूरिया

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झाबुआ: पर्यावरण संरक्षण हेतु सामुदायिक प्रयास किए जाने की जरूरत; निर्मला भूरिया


झाबुआ: पर्यावरण संरक्षण हेतु सामुदायिक प्रयास किए जाने की जरूरत; निर्मला भूरिया


झाबुआ: पर्यावरण संरक्षण हेतु सामुदायिक प्रयास किए जाने की जरूरत; निर्मला भूरिया


झाबुआ: पर्यावरण संरक्षण हेतु सामुदायिक प्रयास किए जाने की जरूरत; निर्मला भूरिया


झाबुआ, 19 मार्च (हि.स.)। जनसंख्या बढ़ने एवं पेड़ पौधों की कटाई से जंगल निरंतर कम हो रहे हैं। लगता है कि प्रकृति द्वारा अपना रौद्र स्वरूप धारण किया गया है, ऐसे में यह जरूरी है कि पर्यावरण संरक्षण के सामुहिक प्रयासों के माध्यम से प्रकृति को अपने अनुकूल किया जाए।

उक्त विचार महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने गुरुवार को ग्राम चारोलीपाड़ा में गुरुवार को जल गंगा संवर्धन अभियान के शुभारंभ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उद्बोधन देते हुए व्यक्त किए गए। उन्होंने खेतों में अंधाधुंध तरीके से रासायनिक उर्वरकों के उपयोग किए जाने से पर्यावरण को होने वाले नुक़सान का जिक्र करते हुए कहा कि खेती के दौरान किसानों द्वारा रासायनिक खाद एवं अन्य रसायनों का अंधाधुंध तरीके से प्रयोग किया जा रहा है, जिससे विभिन्न प्रकार की गंभीर बीमारियाँ ग्रामीण क्षेत्रों तक अपने पैर पसार चुकी है, ऐसे में जरूरी है कि कृषक रसायनिक खाद एवं उर्वरकों आवश्यकता के अनुसार सीमित उपयोग करें। मंत्री ने प्राकृतिक एवं मोटे अनाज की खेती को बढ़ाने पर जोर दिया, साथ ही जिले को हरा भरा करने का संकल्प दिलवाया।

कार्यक्रम में मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान में जल संग्रहण संरचनाओं की साफ-सफाई, गहरीकरण एवं जीर्णोद्धार के विभिन्न कार्य किये जाएंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जलवायु परिवर्तन के दौर में जिस प्रकार से जल संकट की समस्या उत्पन्न हुई है अतः यह हमारा दायित्व है कि कुएं, बावड़ी एवं तालाब की सफाई करके वर्षा जल का संचयन एवं संरक्षण शासन प्रशासन एवं जनप्रतिनिधि मिलकर करे।

कार्यक्रम का शुभारम्भ महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री निर्मला भूरिया द्वारा सरस्वती माता के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलित कर तथा गाय की पूजा कर किया गया। तत्पश्चात मंत्री द्वारा भूमिपूजन एवं गेती मारकर गहरीकरण अभियान का शुभारम्भ किया गया।

कार्यक्रम में अपने संबोधन में जिला कलेक्टर नेहा मीना ने कहा कि जिले में पिछले दो वर्षों में जल संचयन की दिशा में अच्छा कार्य हुआ है। इस वर्ष जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत मुख्य रूप से जिले की पंचायतों में जितने तालाब है उनका गहरीकरण एवं चेक डेम मरम्मतिकरण एवं डगवेल रिचार्ज का कार्य किया जाएगा, साथ ही अभियान के अंतर्गत नवीन पंचायत एवं आंगनवाड़ी भवनों पर वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जिले में कृषि का रकबा बढ़ा है जो कि जल गंगा संवर्धन अभियान का यथार्थ परिणाम है।

कार्यक्रम के दौरान जनपद अध्यक्ष कमोदी हरु भूरिया, अपर कलेक्टर सी एस सोलंकी, सहायक कलेक्टर आशीष कुमार, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व झाबुआ महेश कुमार मण्डलोई, डिप्टी कलेक्टर रीतिका पाटीदार एवं अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. उमेश चंद्र शर्मा