बांधवगढ़ में बाघ का कहर जारी, महिला के बाद युवक को बनाया शिकार, 24 घंटे में दूसरी घटना से फूटा ग्रामीणों का आक्रोश
उमरिया, 13 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से लगे ग्राम झलवार में बाघ का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को जिस स्थान पर बाघ ने एक महिला काे अपना शिकार बनाया था, उसी स्थान पर शनिवार काे एक युवक काे भी माैत के घाट उतार दिया। मृतक आपस में रिश्तेदार भी है। 24 घंटे के अंदर एक ही परिवार के दो सदस्यों की मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।
जानकारी के अनुसार, एक दिन पहले शुक्रवार काे बाघ ने फूलबाई को अपना शिकार बनाया था, उसी स्थान पर शनिवार को उनके भतीजे कल्याण सिंह (30) पुत्र कृपाल सिंह को भी मौत के घाट उतार दिया। हमले के बाद बाघ शव के पास ही बैठा रहा और मृतक के शरीर के निचले हिस्से को भी क्षत-विक्षत कर दिया। ग्रामीणों ने काफी प्रयास किए, लेकिन बाघ शव को छोड़ने को तैयार नहीं हुआ। बाद में जंगल चौकी प्रभारी द्वारा हाथियों को बुलाया गया, जिसके बाद घंटों की मशक्कत के पश्चात शाम करीब 5:30 बजे शव को बाघ के कब्जे से मुक्त कराया जा सका।
गांव निवासी राजपाल सिंह ने बताया कि घटना के कई घंटे बाद तक वरिष्ठ वन अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। उन्होंने कहा, अभी बड़ी मां की चिता की आग भी नहीं बुझी थी कि बाघ ने भतीजे को भी मौत के घाट उतार दिया। अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण पंचनामा और अन्य आवश्यक कार्रवाई में भी देरी हुई, जिससे लोगों का आक्रोश और बढ़ गया।
लगातार दो दिनों में एक ही परिवार पर हुए दो जानलेवा हमलों ने झलवार और आसपास के गांवों में भय का माहौल पैदा कर दिया है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव से लगे झिरिया नाला और पट्टा आराजी क्षेत्र में बाघ की गतिविधियां लगातार देखी जा रही हैं। किसान और मजदूर रोजमर्रा के कार्यों के लिए इन्हीं रास्तों से खेतों तक पहुंचते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अब उनके सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि वे रोजी-रोटी के लिए खेतों में जाएं या अपनी सुरक्षा के लिए घरों में ही रहें। लोगों का दावा है कि बीते एक महीने में कुदरी क्षेत्र में बाघ के हमले की यह पांचवीं घटना है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला जा सका है।
वन विभाग ने की घटना की पुष्टि
एसडीओ वन भूरा गायकवाड़ ने बताया कि पनपथा कोर रेंज अंतर्गत ग्राम झलवार के पास कक्ष क्रमांक आरएफ-460 झिरिया हार क्षेत्र में बाघ ने कल्याण सिंह पर हमला किया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। विभाग द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। वहीं पनपथा कोर परिक्षेत्र के परिक्षेत्र अधिकारी रमेश पाटले ने भी युवक की मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि वन विभाग की टीम मौके पर तैनात है और पूरे क्षेत्र में लगातार गश्त की जा रही है। विभाग ने लोगों से जंगल में अकेले न जाने तथा विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।
ग्रामीणों का आरोप, समय पर नहीं पहुंचे अधिकारी
ग्रामीणों का आरोप है कि दोपहर में घटना होने के बावजूद कई घंटों तक कोई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इस दौरान बाघ लगभग पांच घंटे तक शव के पास बैठा रहा। लोगों का कहना है कि यदि वन विभाग समय पर मौके पर पहुंचकर राहत और सुरक्षा की व्यवस्था करता, तो ग्रामीणों में इतना आक्रोश नहीं पनपता। लगातार बढ़ती घटनाओं के बीच झलवार और कुदरी क्षेत्र के ग्रामीण अब बाघ के आतंक से भयभीत हैं और वन विभाग से ठोस एवं स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुरेन्द्र त्रिपाठी

