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हिंदी साहित्य के प्रति मुख्यमंत्री का अनुराग, पुस्तक प्रदर्शनी में ‘भारतीय ज्ञान परंपरा’ और ‘ज्ञान संपदा’ देखी

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हिंदी साहित्य के प्रति मुख्यमंत्री का अनुराग, पुस्तक प्रदर्शनी में ‘भारतीय ज्ञान परंपरा’ और ‘ज्ञान संपदा’ देखी


भोपाल, 06 अक्टूबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का हिंदी भाषा, साहित्य और भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रति लगाव मंगलवार को भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में आयोजित यूथ कॉन्क्लेव-2026 में भी दिखाई दिया। कॉन्क्लेव के दौरान उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग एवं मध्यप्रदेश हिंदी ग्रंथ अकादमी की पुस्तक प्रदर्शनी का अवलोकन किया और अकादमी के प्रकाशनों में विशेष रुचि दिखाई।

मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी में हिंदी ग्रंथ अकादमी द्वारा प्रकाशित ‘भारतीय ज्ञान परंपरा’ सहित एमपीपीएससी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए तैयार की गई पुस्तक ‘ज्ञान संपदा’ को देखा। उन्होंने प्रदर्शनी में उपलब्ध पुस्तकों और अध्ययन सामग्री की जानकारी भी ली।

यूथ कॉन्क्लेव-2026 के अवसर पर आयोजित इस प्रदर्शनी में हिंदी ग्रंथ अकादमी के विभिन्न प्रकाशनों के माध्यम से भारतीय ज्ञान परंपरा, हिंदी साहित्य और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी अध्ययन सामग्री को प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी में विद्यार्थियों और युवा पाठकों के लिए उपयोगी पुस्तकों को विशेष रूप से स्थान दिया गया।

मुख्यमंत्री द्वारा पुस्तक प्रदर्शनी का अवलोकन हिंदी में प्रकाशित ज्ञानपरक साहित्य और विद्यार्थियों के लिए उपयोगी अध्ययन सामग्री के प्रति रुचि का अवसर रहा। ‘भारतीय ज्ञान परंपरा’ जैसी पुस्तकों के माध्यम से भारतीय चिंतन, ज्ञान और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़े साहित्य को विद्यार्थियों एवं युवा पीढ़ी तक पहुंचाने पर जोर दिखाई दिया, जबकि ‘ज्ञान संपदा’ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए उपयोगी अध्ययन सामग्री के रूप में प्रदर्शित की गई।

इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन, बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय, भोपाल के कुलगुरु, उच्च शिक्षा आयुक्त प्रबल सिपाहा, उच्च शिक्षा विभाग के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी डॉ. दिनेश दवे, ओएसडी डॉ. राजकुमारी शर्मा तथा मध्यप्रदेश हिंदी ग्रंथ अकादमी के सहायक संचालक राम विश्वास कुशवाहा उपस्थित रहे।

उल्लेखनीय है कि हिंदी ग्रंथ अकादमी की पुस्तक प्रदर्शनी का उद्देश्य हिंदी में ज्ञानपरक साहित्य, भारतीय ज्ञान परंपरा और विद्यार्थियों के लिए उपयोगी अध्ययन सामग्री को प्रोत्साहित करना तथा इन पुस्तकों को अधिक से अधिक पाठकों तक पहुंचाना रहा है। यूथ कॉन्क्लेव में युवाओं की मौजूदगी के बीच आयोजित इस प्रदर्शनी ने हिंदी साहित्य और अध्ययन सामग्री को युवा पीढ़ी से जोड़ने का अवसर भी प्रदान किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. मयंक चतुर्वेदी