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इंदौर में नशे के खिलाफ महिलाओं की वॉकाथॉन, 3 हजार से अधिक महिलाओं ने लिया भाग, नशामुक्त समाज की ली शपथ

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इंदौर में नशे के खिलाफ महिलाओं की वॉकाथॉन, 3 हजार से अधिक महिलाओं ने लिया भाग, नशामुक्त समाज की ली शपथ


इंदौर में नशे के खिलाफ महिलाओं की वॉकाथॉन, 3 हजार से अधिक महिलाओं ने लिया भाग, नशामुक्त समाज की ली शपथ


इंदौर में नशे के खिलाफ महिलाओं की वॉकाथॉन, 3 हजार से अधिक महिलाओं ने लिया भाग, नशामुक्त समाज की ली शपथ


इंदौर, 25 जुलाई (हि.स.) । मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में नशामुक्ति को लेकर इंदौर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा चलाए जा रहे 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान के तहत शनिवार को एक भव्य महिला वॉकाथॉन आयोजित की गई। नेहरू स्टेडियम से शुरू हुई इस वॉकाथॉन में करीब 3,000 महिलाओं ने भाग लेकर नशामुक्त समाज का संदेश दिया। पुलिस कमिश्नर ने उपस्थित जनसमूह को नशे के दुष्परिणामों से सतर्क रहने और जागरूक करने की शपथ दिलाई।

इंदौर को पूरी तरह नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह के निर्देशन में इस वॉकाथॉन का आयोजन किया गया। नेहरू स्टेडियम से वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना की गई यह रैली जीपीओ चौराहा, शिवाजी वाटिका और गीता भवन मार्ग से होती हुई पुन: नेहरू स्टेडियम पर समाप्त हुई। आयोजन की शुरुआत में प्रतिभागियों ने जुम्बा सेशन में हिस्सा लेकर ऊर्जा का संचार किया। इस वॉक में स्कूली छात्राओं, स्पोर्ट्स वुमन, सामाजिक व शैक्षणिक संस्थाओं की प्रतिनिधियों तथा पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज की प्रशिक्षु महिला आरक्षकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

'Say No to Drugs' के लगे नारे

किशोरवय बालिकाओं से लेकर बुजुर्ग महिलाओं तक की सहभागिता ने इस आयोजन को बेहद खास बना दिया। पूरी वॉकाथॉन के दौरान प्रतिभागी हाथों में तख्तियां लिए 'Say No to Drugs', 'नशे से दूरी है जरूरी', 'स्वस्थ जीवन-नशामुक्त जीवन' और 'नारी का संकल्प-नशामुक्त हो हर परिवार' जैसे गगनभेदी नारे लगाते हुए आगे बढ़े। शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी इस रैली ने आम नागरिकों को यह सशक्त संदेश दिया कि नशे के खिलाफ जंग में पूरे समाज की एकजुटता और सहभागिता बेहद अनिवार्य है।

पुलिस कमिश्नर ने दिलाई नशामुक्ति की शपथ

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने कहा कि नशा न सिर्फ व्यक्ति के स्वास्थ्य को तबाह करता है, बल्कि पूरे परिवार की खुशियों और समाज के सौहार्द को भी प्रभावित करता है। उन्होंने रेखांकित किया कि परिवार और समाज की रीढ़ होने के नाते यदि माताएं, बहनें और बेटियां इस बुराई के खिलाफ आगे आएंगी तो नशाखोरी को जड़ से समाप्त करना आसान हो जाएगा। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने उपस्थित सभी महिलाओं को स्वयं नशामुक्त रहने और अपने आसपास के लोगों को जागरूक करने की शपथ दिलाई।

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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत