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अनूपपुर: रेशम प्लांटेशन के प्रभारी पर महिलाओं ने पेड़ों को काटने, महुआ छीनने और धमकी देने का आरोप

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अनूपपुर: रेशम प्लांटेशन के प्रभारी पर महिलाओं ने पेड़ों को काटने, महुआ छीनने और धमकी देने का आरोप


अनूपपुर: रेशम प्लांटेशन के प्रभारी पर महिलाओं ने पेड़ों को काटने, महुआ छीनने और धमकी देने का आरोप


अनूपपुर, 07 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के कलेक्ट्रेट में मंगलवार को जनसुनवाई में दो अलग-अलग मामलों को लेकर ग्रामीण पहुंचे।

जैतहरी विकासखंड के ग्राम पंचायत सोन मौहरी में रेशम प्लांटेशन में कार्यरत कर्मचारी पर गांव की गरीब महिलाओं से महुआ छीनने और मजदूरों को फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए सरपंच बुद्द्धन बाई सहित ग्रामीणों ने जनसुनवाई में कलेक्टर हर्षल पंचोली से शिकायत की। इस दौरान ग्रमीणों ने काटे गए पेड़ों के छायाचित्र भी दियें। इसी तरह बलबहरा गांव के किसानों ने रास्ते पर कब्जे की शिकायत की, तो पुष्पराजगढ़ के एक ग्रामीण ने 6 साल से अटकी पीएम आवास की किस्त दिलाने की गुहार लगाई।

शिकायत में महिलाओं ने बताया कि ग्राम पंचायत मौहरी में करीब 40 वर्षों से रेशम प्लांटेशन संचालित है, जहां स्थानीय मजदूर पीढ़ियों से काम करते आ रहे हैं और महुआ संग्रह भी करते रहे हैं। लेकिन पिछले वर्ष नियुक्त प्रभारी मनराखन पटेल द्वारा महुआ बीनने वाली महिलाओं कुनीबाई, हनुमतिया प्रजापति, गेदिंया बैगा, देवीकी बैगा और गुलाब से महुआ छीन लिया। ग्रामीणों का कहना है कि जब इस बारे में प्रभारी से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि महुआ बेचकर नलकूप खुदवाने का काम किया जाएगा। वहीं आरोप है कि कुछ महिलाओं का महुआ अन्य लोगों को बेच भी दिया गया। इसके अलावा कर्मचारी पर दो हरे नीम के पेड़ों को कटवाकर बेचने का भी आरोप लगाया गया है।

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि आरोपी कर्मचारी गांव वालों को धमकी देता है कि यदि किसी ने उसके कामों में हस्तक्षेप किया तो वह खुद आग लगाकर उन्हें फर्जी मामलों में फंसा देगा। ग्राम पंचायत मौहरी की सरपंच ने इस पूरे मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कलेक्टर से अपील की है कि गरीब महिलाओं को न्याय दिलाया जाए और लूटे गए महुआ तथा काटे गए पेड़ों के मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाए।

बलबहरा गांव की कई महिलाएं और किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने बताया कि देवदत्त राठौर के घर से दानवदाई मड़िया तक जाने वाला रास्ता खेती-किसानी के लिए मुख्य मार्ग है। इस रास्ते के लिए जमीन मालिकों ने खुद अपनी मर्जी से 12 फीट जगह देने का शपथ पत्र दिया था। अब आरोप है कि देवदत्त राठौर ने रास्ते पर लोहे का गेट लगा दिया है और रामचरण राठौर ने बाउंड्रीवाल बना ली है। इस कब्जे की वजह से ट्रैक्टर और बैलगाड़ी निकलना बंद हो गई है, जिससे किसानों को खेत से फसल घर लाने में भारी दिक्कत हो रही है।

6 साल से अटकी है छत ढलाई की किस्त

इसी जनसुनवाई में पुष्पराजगढ़ के पडमनिया गांव से आए चरण सिंह ने अपनी समस्या सुनाई। उन्हें 2018-19 में प्रधानमंत्री आवास मिला था, लेकिन 6 साल बीतने के बाद भी छत ढलाई के लिए मिलने वाले 15 हजार रुपए आज तक नहीं मिले। चरण सिंह ने बताया कि वे सचिव, रोजगार सहायक और हेल्पलाइन तक के चक्कर काट चुके हैं। पिछले महीने जब जिला सीईओ गांव आए थे, तब सचिव ओमकार सिंह ने एक हफ्ते में पैसा दिलाने का वादा किया था, लेकिन एक महीना बीतने के बाद भी फूटी कौड़ी नहीं मिली। ग्रामीणों ने कलेक्टर से इन दोनों मामलों में जल्द कार्रवाई की मांग की है।

कलेक्टर ने 78 आवेदकों की सुनवाई, निराकरण के दिये निर्देश

जिला स्तरीय जनसुनवाई कलेक्टर हर्षल पंचोली ने 78 आवेदनों पर जनसुनवाई करते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को निराकरण करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में अपर कलेक्टर दिलीप कुमार पाण्डेय, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अनूपपुर कमलेश पुरी, डिप्टी कलेक्टर प्राशी अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारियों ने भी आवेदकों की समस्याएं सुनी।

जनसुनवाई के दौरान तहसील अनूपपुर के ग्राम मौहरी निवासी कंधई कोल ने भूमि का सीमांकन कराए जाने, तहसील अनूपपुर के ग्राम फुनगा निवासी धनिया पनिका ने नक्शा तरमीम कराए जाने, तहसील अनूपपुर के ग्राम बरबसपुर निवासी सोहनलाल रौतेल ने नामांतरण कराए जाने, तहसील अनूपपुर के ग्राम केल्हौरी निवासी राधेलाल ने मोटराईज्ड ट्राईसाईकल प्रदाय किए जाने, तहसील जैतहरी के ग्राम धनगवां निवासी रीता सिंह ने राजस्व पुस्तक परिपत्र के प्रावधान अंतर्गत सहायता राशि दिलाए जाने, तहसील कोतमा के ग्राम बेनीबहरा निवासी काशीराम कोल ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ दिलाए जाने, तहसील अनूपपुर के ग्राम बदरा निवासी दानी चौधरी ने वृद्धावस्था पेंशन दिलाए जाने के संबंध में आवेदन दिए।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला