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अनूपपुर: प्लेटफॉर्म बदलने के लिए पटरी पार कर रही महिला की मालगाड़ी की चपेट में आने से मौत

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अनूपपुर: प्लेटफॉर्म बदलने के लिए पटरी पार कर रही महिला की मालगाड़ी की चपेट में आने से मौत


अनूपपुर: प्लेटफॉर्म बदलने के लिए पटरी पार कर रही महिला की मालगाड़ी की चपेट में आने से मौत


अनूपपुर, 01 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिला मुख्यालय के रेलवे स्टेशन में मंगलवार की रात प्लेटफॉर्म बदलने के दौरान पटरी पार कर रही महिला की मालगाड़ी की चपेट में आने के बाद उपचार के दौरान मृत्यु हो गई।

ज्ञात हो कि अनूपपुर रेलवे स्टेशन में में अमृत योजना के तहत निर्माण कार्य किया जा रहा हैं जिसमें एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म पर जाने के लिए पहले से बने ओवरब्रिज को खराब बताकर तोड़ दिया गया था, जिसके बाद वह अब तक नहीं बन पाया हैं। जिससे लोग 1 प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म में जाने के लिए लाईन पार कर जोखिम उठाते हुए पार करते हैं। वहीं रेलवे ने एक ओवरब्रिज बनाया जो स्टेशन के अंतिम छोर में होने से बुजुर्गो और महिलाओं परेशानी का सामना करना पड़ता हैं।

जानकारी के अनुसार, मंगलवार की रात्रि 9 बजे के लगभग 47 वर्षीय हमीदा बेगम निवासी ग्राम पंचायत जामुडी, थाना अनूपपुर, प्रयागराज जाने के लिए टिकट लेकर प्लेटफॉर्म नंबर 1 से प्लेटफॉर्म नंबर 3/4 की ओर जा रही थीं। इसी दौरान पटरी पार करते समय वह अचानक मालगाड़ी की चपेट में आ गईं और गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के बाद रेलवे पुलिस ने जिला चिकित्सालय अनूपपुर पहुंचाया, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।

ओवरब्रिज की कमी बनी हादसे की वजह

स्थानीय लोगों का कहना है कि स्टेशन पर लंबे समय से पर्याप्त और सुरक्षित ओवरब्रिज सहित दक्षिण की तरफ टिकिट खिड़की की मांग की जा रही है। जिससे दक्षिण की तरफ से आने वाले यात्रियों को पहले उत्त र दिशा में बने 1 नं. प्लेटफॉर्म में टिकट घर से टिकिट लेकर प्लेटफॉर्म नंबर 3/4 आना होता हैं इस दौरान गाड़ी आने की जल्दाबाजी में लोग लाईन पार कर प्लेटफॉर्म जान जोखिम में डालते हुए पार करते हैं। पुराना पैदल पुल को तोड़ने के बाद नया पुल निर्माणाधीन है जिसका कार्य कछुए की गति चल रहा हैं।

रेलवे प्रशासन पर उठे सवाल

इस घटना ने रेलवे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ओवरब्रिज का निर्माण पूरा हो जाता या अस्थायी सुरक्षित व्यवस्था की जाती, तो इस तरह की दुर्घटना टाली जा सकती थी। वहीं मौके पर तैनात आरपीएफ और जीआरपी की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। यात्रियों को पटरी पार करने से रोकने के लिए पर्याप्त सख्ती नहीं बरती जा रही, जिससे ऐसे हादसे बार-बार हो रहे हैं।

क्षेत्र में आक्रोश

घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों ने मांग की है कि निर्माणाधीन ओवरब्रिज जल्द से जल्द बनाया जाए। निर्माण पूरा होने तक वैकल्पिक सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, सुरक्षा व्यवस्था को सख्त किया जाए। यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि व्यवस्थागत लापरवाही का परिणाम माना जा रहा है। रेलवे प्रशासन इस गंभीर घटना के बाद कितनी तेजी से सुधारात्मक कदम उठाता है समय ही बतायेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला