अनूपपुर: मानसून की दस्त क के साथ पूरा जिला पानी-पानी, किसानों को राहत, बुवाई की तैयारी शुरू
अनूपपुर, 05 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में रविवार शाम से मानसून की दस्तकक के साथ पूरा जिला पानी-पानी हो गया हैं। जिला मुख्यालय अनूपपुर सहित कोतमा, जैतहरी, भालूमाड़ा, राजेंद्रग्राम और बिजुरी जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में जोरदार बारिश आरंभ हुई।
यह इस सीजन की पहली ऐसी बारिश थी जो लगभग आधे घंटे तक जिलेभर में सामान्य रूप से दर्ज की गई। बारिश के दौरान तेज गर्जन और बिजली की कड़कड़ाहट भी देखी गई। जिला मुख्यालय में बारिश का सिलसिला लगातार जारी रहा, वहीं आसमान में काले बादलों का जमावड़ा बना हुआ है, जिससे आगे भी बारिश की संभावना जताई जा रही है।
अधीक्षक भू-अभिलेख विभाग के अधिकारी प्रदीप मोगरे ने बताया कि 1 जुलाई से जिले में लगातार कहीं न कहीं बारिश हो रही है और जिला मुख्यालय में दोपहर के बाद रोजाना वर्षा दर्ज की जा रही है। बारिश से किसानों को बड़ी राहत मिली है। खेतों में पर्याप्त नमी आने से किसान अब बुवाई की तैयारी में जुट गए हैं। यह वर्षा खेतों में नमी की कमी को पूरा करने के साथ-साथ खरीफ फसलों की बुवाई में भी सहायक सिद्ध होगी। किसान बारिश की इन बौछारों से काफी राहत महसूस कर रहे हैं।
विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटे में जिले में औसतन 2.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। इसमें वेंकटनगर में 2.3 मिलीमीटर, पुष्पराजगढ़ में 4.2 मिलीमीटर और बेनीबारी में सर्वाधिक 12.4 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। 1 जून से अब तक कुल 105 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई है, जबकि इस अवधि के लिए मानक औसत वर्षा 227 मिलीमीटर होनी चाहिए थी।
कृषि विभाग की जानकारी के अनुसार, जिले में 1 लाख 85 हजार हेक्टेयर के लक्ष्य के मुकाबले अब तक मात्र 23 प्रतिशत खरीफ फसल की बोवनी हो पाई है। इसमें धान की बोवनी 18 प्रतिशत, मक्का 77 प्रतिशत, उड़द 18 प्रतिशत, मूंग 19 प्रतिशत, अरहर 26 प्रतिशत, मूंगफली 56 प्रतिशत और सोयाबीन 55 प्रतिशत है। पिछले वर्ष इसी अवधि तक लगभग 32 प्रतिशत से अधिक बुवाई हो चुकी थी, जो इस वर्ष कम है।
पहली ही बारिश ने नगर पालिका कोतमा की तैयारियों की खुली पोल
कोतमा नगर पालिका के वार्ड क्रमांक 07 में पहली ही बारिश के बाद नाली का गंदा पानी सड़क पर बह रहा है। इससे राहगीरों और वार्डवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर जलभराव और गंदगी के कारण दुर्घटना और बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। यह स्थिति नगर पालिका कोतमा की लापरवाही और बरसात से पहले नालियों की उचित सफाई न कराने का परिणाम है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

