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मध्य प्रदेश में मौसम ने बदली करवट, नौतपा के अंतिम दिन 45 जिलों में आंधी-बारिश की संभावना

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मध्य प्रदेश में मौसम ने बदली करवट, नौतपा के अंतिम दिन 45 जिलों में आंधी-बारिश की संभावना


- धार-बड़वानी में भारी बारिश का अलर्ट

भोपाल, 02 जून (हि.स.) । मध्य प्रदेश में नौतपा के दौरान मौसम ने पूरी तरह करवट ले ली है। पिछले आठ दिनों से प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है। इसके चलते गर्मी और लू का प्रभाव लगभग समाप्त हो गया है और न्यूनतम तापमान में 5 डिग्री सेल्सियस से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। आज मंगलवार को नौतपा का अंतिम दिन है और प्रदेश के 45 जिलों में मौसम के बदले रहने की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग के अनुसार, धार और बड़वानी जिलों में मंगलवार को भारी बारिश, ओलावृष्टि और 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। वहीं आगर-मालवा और राजगढ़ में ओले गिरने की चेतावनी जारी की गई है। लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं के कारण प्रदेशभर में दिन और रात के तापमान में उल्लेखनीय कमी आई है। रविवार और सोमवार की रात खंडवा का न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पचमढ़ी में यह 19.4 डिग्री रहा।

इसके अलावा दमोह में 21.8 डिग्री, रीवा में 22 डिग्री, खरगोन और छिंदवाड़ा में 23.4 डिग्री, उमरिया में 23.5 डिग्री, दतिया में 23.7 डिग्री, नौगांव और नरसिंहपुर में 24.2 डिग्री, धार में 24.3 डिग्री, रतलाम, टीकमगढ़ और सतना में 24.5 डिग्री तथा मंडला में 24.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। दिन के तापमान में भी कमी देखने को मिली। सोमवार को प्रदेश का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। भोपाल में 37.6 डिग्री, इंदौर में 38.1 डिग्री, ग्वालियर में 35.9 डिग्री, उज्जैन में 38.5 डिग्री और जबलपुर में 38.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। वहीं दतिया में 34.4 डिग्री, पचमढ़ी में 33.6 डिग्री, गुना में 33.8 डिग्री और खंडवा में सबसे कम 32.9 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ।

मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में फिलहाल प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं। टर्फ लाइन और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से कई इलाकों में बारिश हो रही है। हालांकि इस वर्ष मानसून की दस्तक सामान्य समय से 5 से 7 दिन देरी से होने की संभावना है। मध्य प्रदेश में मानसून के प्रवेश की सामान्य तारीख 15 जून मानी जाती है। दक्षिणी हिस्से से मानसून प्रदेश में प्रवेश करता है। पिछले वर्ष मानसून 16 जून को मध्य प्रदेश पहुंचा था और 15 अक्टूबर तक इसकी विदाई हुई थी। इस बार मानसून अभी तक केरल नहीं पहुंचा है। सामान्यत: केरल पहुंचने के करीब 15 दिन बाद मानसून मध्य प्रदेश में प्रवेश करता है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार मानसून 20 से 22 जून के बीच प्रदेश में दस्तक दे सकता है। 2 से 5 जून तक के लिए जारी पूर्वानुमान में बताया है कि प्रदेश में आंधी और बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। फिलहाल किसी भी जिले के लिए हीट वेव (लू) का अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत