झाबुआ: हैंडपंप की शवयात्रा में महिलाएं भी हुई शामिल, जल समस्या के संदर्भ में मटकी फोड़ कर जताया विरोध
झाबुआ, 13 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के जनजातीय बाहुल्य झाबुआ जिले के ग्रामीण इलाकों में जल संकट को लेकर जिला कांग्रेस द्वारा विधायक झाबुआ, विक्रांत भूरिया के नैतृत्व में हैंडपंप की शवयात्रा निकाल कर जिला मुख्यालय पर जबरदस्त विरोध-प्रदर्शन किया गया।
जिला कांग्रेस के इस विरोध प्रदर्शन में महिलाएं भी शामिल हुई। विरोध प्रदर्शन में शामिल महिलाए अपने सिर पर खाली मटकी लेकर जिला मुख्यालय स्थित पीएचई कार्यालय पहुंचीं थीं। प्रदर्शन में शामिल कुछ महिलाओं ने मटकी फोड़ कर उसके टुकड़े पीएचई अधिकारियों की तरफ फेंके, किंतु किसी के हताहत होने के समाचार नहीं है। विरोध प्रदर्शन के दौरान जल संकट के समाधान हेतु पीएचई अधिकारी को ज्ञापन देकर जल समस्या के शीघ्र समाधान की मांग की गई।
जिले के ग्रामीण इलाकों में कथित रूप से भयावह जल संकट को लेकर बुधवार को कांग्रेस द्वारा जबरदस्त तरीके से विरोध प्रदर्शन किया गया। जिला कांग्रेस द्वारा विधायक झाबुआ, विक्रांत भूरिया एवं विधायक थांदला, वीर सिंह भूरिया के संयुक्त नैतृत्व में बुधवार को जिले के ग्रामीण इलाकों में बढ़ते पेयजल संकट को लेकर हैंडपंप की शवयात्रा निकाली गई। विरोध प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने खाली मटकियां लेकर विरोध जताते हुए पीएचई विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीण क्षेत्रों में खराब पड़े हैंडपंप और पानी की गंभीर समस्या को लेकर कार्यकर्ताओं ने हल्ला बोलते हुए भाजपा सरकार और प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं सिर पर खाली मटके लेकर पहुंचीं और पीएचई कार्यालय के बाहर विरोध जताया। कांग्रेस नेताओं ने जिले में भयावह जल संकट की चर्चा करते हुए कहा कि जिले के कई गांवों में हैंडपंप बंद पड़े हैं, जिससे भीषण गर्मी में ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन समस्या के समाधान के बजाए मौन साधकर बैठा हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द पेयजल व्यवस्था नहीं सुधरी तो आंदोलन को और उग्र स्वरूप दिया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान भारतीय जनता पार्टी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और इस गंभीर समस्या के शीघ्र समाधान की मांग की गई। कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि जनता की इस मूलभूत समस्या के संबंध में शासन प्रशासन अपना मौन तोड़ें, और इस गंभीर जन समस्या का शीघ्र समाधान किया जाए।
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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. उमेश चंद्र शर्मा

