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मतदाता सूची की विसंगतियां दूर करने की मांग, कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग को सौंपे सुझाव

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मतदाता सूची की विसंगतियां दूर करने की मांग, कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग को सौंपे सुझाव


भोपाल, 13 अक्टूबर (हि.स.)। मतदाता सूची के पुनरीक्षण और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया में सामने आ रही विसंगतियों को लेकर मध्यप्रदेश कांग्रेस ने मंगलवार काे निर्वाचन आयोग के समक्ष आपत्तियां और सुझाव प्रस्तुत किए हैं। पार्टी ने फॉर्म-6 के लंबित आवेदनों की सूची सार्वजनिक करने, पात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल करने और प्रारूप सूची में दर्ज होने के बावजूद अंतिम सूची से छूटे नामों की समीक्षा करने की मांग की है।

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय, भोपाल में मतदाता सूची से संबंधित विषयों पर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई। इसमें मध्यप्रदेश कांग्रेस की ओर से चुनाव आयोग कार्य के प्रभारी जेपी धनोपिया और मतदाता सूची के प्रभारी ललित सेन ने पार्टी का पक्ष रखा।

मप्र कांग्रेस कमेटी के महासचिव संजय कामले ने बताया कि कांग्रेस ने मांग की कि मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 के माध्यम से आवेदन करने वाले ऐसे लोगों की सूची सार्वजनिक की जाए, जिनके नाम SIR के तहत तैयार मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं। पार्टी का कहना है कि इससे आवेदनों की स्थिति स्पष्ट होगी और संबंधित मतदाता अपने नाम को लेकर जरूरी कार्रवाई कर सकेंगे।

कांग्रेस ने यह भी आग्रह किया कि फॉर्म-6 के माध्यम से आवेदन करने वाले सभी पात्र लोगों के आवेदनों की नियमानुसार जांच की जाए। जनवरी 2025 में प्रकाशित संबंधित मतदाता सूची के संदर्भ में भी नामों का सत्यापन कर पात्र आवेदकों को सूची में शामिल करने की कार्रवाई की जाए।

अंतिम सूची से छूटे नामों की समीक्षा का आग्रह

पार्टी ने उन मतदाताओं के मामलों की समीक्षा करने की मांग की, जिनके नाम प्रारूप मतदाता सूची में दर्ज थे, लेकिन अंतिम सूची में शामिल नहीं हो सके। कांग्रेस के अनुसार, ऐसे मामलों में सामने आने वाली विसंगतियों की जांच कर आवश्यक सुधार किए जाने चाहिए, ताकि पात्र मतदाताओं के नाम सूची से बाहर न रहें।

कांग्रेस ने SIR के तहत तैयार मतदाता सूची की शुद्धता और उसमें संभावित त्रुटियों की समीक्षा करने का भी सुझाव दिया। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए तथा सभी आवेदनों और आपत्तियों का नियमानुसार निराकरण किया जाना चाहिए।

दीपावली के बाद सुधार प्रक्रिया शुरू करने का सुझाव

कांग्रेस ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया दीपावली के बाद शुरू करने का प्रस्ताव रखा। पार्टी का तर्क है कि इससे नागरिकों को आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन करने के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा। साथ ही निर्वाचन अधिकारियों को भी आवेदनों की जांच और निराकरण के लिए सुविधाजनक समय मिल पाएगा।

कांग्रेस ने कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण आधार है। इसमें किसी पात्र नागरिक का नाम छूटने से उसके मताधिकार पर असर पड़ सकता है। इसलिए सूची के पुनरीक्षण में पारदर्शिता बनाए रखने और पात्र मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा के लिए सभी विसंगतियों का समाधान जरूरी है।

बैठक में कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग से प्रस्तुत आपत्तियों और सुझावों पर विचार कर आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया। पार्टी की ओर से जेपी धनोपिया और ललित सेन बैठक में मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे