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राजगढ़ः विशेष लोक अदालत में समझौते से सुलझे विवाद, पक्षकारों को मिली राहत

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राजगढ़ः विशेष लोक अदालत में समझौते से सुलझे विवाद, पक्षकारों को मिली राहत


राजगढ़, 18 जुलाई (हि.स.)। मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर की कार्ययोजना के तहत शनिवार को अवकाश के दिन भी जिले में विशेष लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष राजीव एम. आपटे के मार्गदर्शन तथा सचिव देव दत्त के समन्वय में आयोजित इस विशेष लोक अदालत में समझौते योग्य मामलों के त्वरित और सौहार्दपूर्ण निराकरण पर विशेष जोर दिया गया।

विशेष लोक अदालत का आयोजन जिला न्यायालय राजगढ़ के साथ-साथ तहसील न्यायालय ब्यावरा, नरसिंहगढ़, सारंगपुर, खिलचीपुर और जीरापुर में भी किया गया। विशेष रूप से धारा-138, लिखत परक्राम्य अधिनियम (चेक बाउंस) से जुड़े लंबित मामलों के निपटारे के लिए कुल 10 खंडपीठों का गठन किया गया। अदालत में बड़ी संख्या में पक्षकार उपस्थित हुए, जहां पीठासीन अधिकारियों की मौजूदगी में आपसी संवाद, सहमति और राजीनामे के माध्यम से कई विवादों का समाधान हुआ। लोक अदालत के माध्यम से पक्षकारों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया, अनावश्यक खर्च और समय की बचत का लाभ मिला। साथ ही आपसी रिश्तों में सौहार्द बनाए रखने की दिशा में भी यह पहल कारगर साबित हुई।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने बताया कि प्रत्येक माह के तीसरे शनिवार को न्यायालयों में सार्वजनिक अवकाश रहता है, लेकिन जिन मामलों का समाधान आपसी सहमति से संभव होता है, उनके शीघ्र निपटारे के लिए अवकाश के दिन भी विशेष लोक अदालत आयोजित की जाती है। प्राधिकरण ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे समझौता योग्य मामलों के निराकरण के लिए लोक अदालत की व्यवस्था का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। इससे न केवल समय, धन और श्रम की बचत होती है, बल्कि विवादों का शांतिपूर्ण और स्थायी समाधान भी संभव हो पाता है। लोक अदालत की यह पहल आमजन को सुलभ, त्वरित, किफायती और सौहार्दपूर्ण न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मनोज पाठक