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अनूपपुर: सड़क और बिजली की मांग पर ग्रामीणों का चक्काजाम, 5 नवंबर को बैठक पर बनी सहमति के बाद खुला जाम

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अनूपपुर: सड़क और बिजली की मांग पर ग्रामीणों का चक्काजाम, 5 नवंबर को बैठक पर बनी सहमति के बाद खुला जाम


अनूपपुर, 26 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के पुष्पराजगढ़ विधानसभा क्षेत्र में पोड़की चौराहे पर सोमवार को ग्रामीणों ने सड़क, बिजली-पानी और अवैध खदानों के क्रेशरों के विरोध में चक्काजाम कर दिया। ग्रामीणों ने जर्जर सड़कों की मरम्मत, दमगढ़ गांव में बिजली कनेक्शन और जोहिला बांध की क्षतिग्रस्त नहरों को सुधारने की मांग की। प्रशासनिक अधिकारियों ने 5 नवंबर को एसडीएम की मौजूदगी में संबंधित विभागों के साथ बैठक कर समस्याओं के निराकरण का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम खत्म कर दिया और नायब तहसीलदार को मांग पत्र सौंपा।

ग्रामीणों ने पोड़की- जनजातीय विश्वविद्यालय-करंगरा मार्ग और फर्रीसेमर से नर्मदा पुल तक नई सड़क बनाने की मांग के साथ अमरकंटक-रीवा मार्ग की मरम्मत और क्षतिग्रस्त संकेतक बोर्ड बदलने की बात कही। ग्रमीणों का कहना है कि सड़कों पर गहरे गड्ढों के कारण आवागमन जोखिमभरा हो गया है।

दमगढ़ में बिजली नहीं, पेयजल और पढ़ाई प्रभावित

ग्रामीणों के अनुसार, दमगढ़ में बिजली की सुविधा नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई, पेयजल व्यवस्था और रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। रात के अंधेरे में सुरक्षा का खतरा भी बना रहता है। ग्रामीणों ने कहा कि पहले भी कई बार आवेदन दिए गए, लेकिन विद्युत विभाग ने कार्रवाई नहीं की। उन्होंने पात्र परिवारों को बिजली कनेक्शन देने, खंभे और लाइन बिछाने तथा जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग की।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पमरा और आसपास की खदानों से निकलने वाले ओवरलोड वाहन सड़कों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने खदानों की वैधता और पर्यावरणीय नियमों के पालन की जांच कर क्रेशरों पर रोक लगाने की मांग की। इसके अलावा जोहिला बांध की क्षतिग्रस्त नहरों की मरम्मत कर किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने की मांग भी रखी।

चक्काजाम की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। थाना प्रभारी अमरकंटक केएल बंजारे ने बताया कि एसडीएम की ओर से ग्रामीणों को आश्वासन दिया गया है कि 5 नवंबर को उनकी मौजूदगी में संबंधित विभागों के अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की संयुक्त बैठक होगी। इसमें समस्याओं का समय-सीमा में निराकरण करने पर चर्चा की जाएगी। आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला