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अनूपपुर: हाथियों का आतंक से परेशान ग्रामीण, घर-अनाज और स्वयं को बचाने के लिए रतजगा करने को मजबूर

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अनूपपुर: हाथियों का आतंक से परेशान ग्रामीण, घर-अनाज और स्वयं को बचाने के लिए रतजगा करने को मजबूर


अनूपपुर, 07 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में 75 दिनों से तीन हाथियों के समूह ने ग्रामीणों का जीना हराम कर दिया है। रात में हाथियों के अचानक आ जाने से घर, अनाज सहित स्वयं को बचाने के लिए ग्रामीण रात भर रतजगा को मजबूर हैं।

तीन हाथियों का समूह छत्तीसगढ़ से मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में प्रवेश करते हुए अनूपपुर एवं जैतहरी वन परिक्षेत्र के ग्रामीण अंचलों में ग्रामीणों के खेतों एवं घरों में पहुंचकर फसलों एवं घरों का नुकसान कर रहे है। जो दिन में जंगलो में रहते हैं और रात होने पर आहार की तलाश में ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पाद मचाते हैं। देर रात अचानक हाथियों के आ जाने के डर से ग्रामीण रात भर जगाने को बाध्य हैं। वहीं एक दो दांत वाला नर हाथी गत 2 मार्च को अचानक छत्तीसगढ़ की सीमा को पार करते हुए 25 किलोमीटर की दूरी तय कर जैतहरी वन परिक्षेत्र के धनगवां बीट में अपने तीन अन्य साथियों से जा मिला। चौथा हाथी लगभग 40 से 45 किलोमीटर चलकर सुबह छत्तीसगढ़ के खड़गवां वन परिक्षेत्र के बेलबहरा बीट के जंगल में पहुंच गया।

तीन हाथियों ने चार दिनों से कुसुमहाई के पटौरा एवं पालाडोल के रामशरण राठौर की खेत में लगे गेहूं,चना, कुकुरगोंडा पंचायत के सरईहा टोला निवासी देव सिंह, राय सिंह, राम पदारथ सिंह, रामप्रसाद सिंह एवं शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात अचानक चोलना के जंगल से निकल कर ग्राम पंचायत कुकुरगोंड़ा के सरईहा टोला निवासी राम पदारथ सिंह एवं छोटृन सिंह के खेत में लगी गेहूं,चना मटरी की फसल, बांड़ी में लगे केला एवं गन्ना को अपना आहार बनाते हुए शनिवार की सुबह फिर से धनगवां बीट के बड़का डोंगरी जंगल में डेरा जमा लिया है।

हाथियों द्वारा एक सप्ताह से दिनभर धनगवां एवं चोलना बीट के जंगल में ग्रामीण एवं वन विभाग के गस्ती दल को चकमा देते हुए देर रात अचानक ग्रामीण अंचलों में पहुंच जाते हैं। शुक्रवार एवं शनिवार की मध्य रात्रि हाथी गस्ती दल को तीनों हाथियों की विचरण की कहीं भी सूचना नहीं मिली, शनिवार की सुबह तीनों हाथियों के ग्राम पंचायत कुकुरगोंड़ा के सरईहा टोला में राम पदारथ सिंह एवं छोटृन सिंह के घर के समीप बांड़ी में केला एवं गन्ना को खाते हुए कच्चे घरो की ओर बढ़ते देखकर ग्रामीणों के साथ हो-हल्ला एवं विभिन्न माध्यमों से तीनों हाथियों को घर से दूर भगाया जिससे बड़का डोंगरी जंगल की ओर गए। आज रात यह तीनों हाथी किस ओर निकल कर ग्रामीणों को परेशान करेंगे यह देर रात होने पर ही पता चल सकेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला