विदिशाः संभागायुक्त ने उदयगिरि जंगल रिसोर्ट में मोटर बोट संचालन व्यवस्थाओं का लिया जायजा
विदिशा, 07 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के भोपाल संभागायुक्त संजीव सिंह ने गुरुवार को विदिशा जिले के भ्रमण के दौरान उदयगिरि जंगल रिसोर्ट पहुंचकर मध्य प्रदेश पर्यटन (एमपीटी) द्वारा बेस नदी में संचालित मोटर बोट की व्यवस्थाओं एवं सुरक्षा प्रबंधों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पर्यटकों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं तथा पर्यटन गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की।
संभागायुक्त ने मोटर बोट संचालन से जुड़े सुरक्षा मानकों, लाइफ जैकेट, पर्यटक सुविधा व्यवस्थाओं एवं संचालन प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पर्यटकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहे तथा सभी गतिविधियां निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित की जाएं।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने उदयगिरि क्षेत्र में पर्यटन संभावनाओं एवं प्राकृतिक सौंदर्य को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे पर्यटन स्थलों के विकास से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा जिले की पर्यटन गतिविधियों को नई पहचान मिलेगी।
कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने संभागायुक्त को उदयगिरि जंगल रिसोर्ट में उपलब्ध सुविधाओं एवं पर्यटन विकास कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पर्यटकों को सुरक्षित एवं बेहतर अनुभव उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं निरंतर सुदृढ़ की जा रही हैं।
एक बगिया मां के नाम योजना से ग्रामीण आजीविका को मिल रही नई दिशा
संभागायुक्त संजीव सिंह ने गुरुवार को विदिशा जिले के भ्रमण के दौरान “एक बगिया मां के नाम” योजना अंतर्गत किए जा रहे कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जनपद पंचायत विदिशा की ग्राम पंचायत बोरिया अंतर्गत ग्राम वामनसेड़ा पहुंचकर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत विकसित किए जा रहे फलोद्यान कार्यों का अवलोकन किया।
भ्रमण के दौरान संभागायुक्त ने हितग्राही भागवती द्वारा फलोद्यान योजना के अंतर्गत लगाए गए हाईब्रिड प्रजाति के अमरूद के पौधों को देखा तथा उनके रखरखाव एवं उत्पादन संबंधी जानकारी प्राप्त की। भागवती द्वारा खेत में की जा रही मिश्रित खेती एवं प्याज सहित अन्य फसलों से प्राप्त हो रहे लाभ और आय में वृद्धि के अनुभव साझा किए गए।
संभागायुक्त संजीव सिंह ने कहा कि “एक बगिया मां के नाम” जैसी योजनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका सशक्तिकरण एवं पर्यावरण संरक्षण दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि फलोद्यान आधारित गतिविधियां किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ दीर्घकालीन आर्थिक सुरक्षा भी प्रदान करती हैं।
कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने हितग्राही से किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के संबंध में जानकारी प्राप्त की। इस दौरान उन्होंने केसीसी की लिमिट बढ़ाने की प्रक्रिया के संबंध में आवश्यक जानकारी देते हुए संबंधित अधिकारियों को किसानों को योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर गुप्ता ने बताया कि जिले में मनरेगा के माध्यम से फलोद्यान एवं कृषि आधारित गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है , जिससे ग्रामीण परिवारों को रोजगार के साथ स्थायी आय के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाना तथा कृषि आधारित आजीविका को मजबूत करना है।
ग्राम सलैया की ऐतिहासिक बावड़ी के जीर्णोद्धार कार्यों का संभागायुक्त ने किया निरीक्षण
भोपाल संभागायुक्त संजीव सिंह ने कलेक्टर अंशुल गुप्ता के साथ संयुक्त भ्रमण के दौरान जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत ग्राम सलैया पहुंचकर ऐतिहासिक बावड़ी के जीर्णोद्धार एवं जल संरक्षण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने जनभागीदारी से संचालित जल संचय एवं संरक्षण के प्रयासों की सराहना करते हुए ग्रामीणों एवं संबंधित विभागों के कार्यों की प्रशंसा की।
संभागायुक्त सिंह ने बावड़ी के पुनर्जीवन हेतु किए जा रहे कार्यों का अवलोकन कर कहा कि जल संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है तथा पारंपरिक जल स्रोतों का संरक्षण भविष्य की पीढ़ियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता से किए जा रहे ऐसे प्रयास समाज में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
निरीक्षण के दौरान संभागायुक्त एवं कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने बावड़ी की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि की जानकारी भी प्राप्त की। अधिकारियों एवं ग्रामीणों द्वारा बावड़ी के प्राचीन महत्व, उसकी संरचना तथा पूर्व में जल संचयन में उसकी भूमिका के संबंध में जानकारी साझा की गई। कलेक्टर गुप्ता ने बताया कि जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जिले में विभिन्न जल स्रोतों के संरक्षण , पुनर्जीवन एवं जल संचय क्षमता बढ़ाने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जनभागीदारी के माध्यम से पारंपरिक जल संरचनाओं को पुनर्जीवित करने के प्रयास निरंतर जारी हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

