उमरिया में सड़क की बदहाली ने खोली विकास की पोल, प्रसूता को डेढ़ किलोमीटर हाथ-पैर पकड़कर ले जाना पड़ा, वीडियो वायरल
उमरिया, 11 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उमरिया जिले से बुनियादी सुविधाओं की बदहाली का एक बेहद मार्मिक मामला सामने आया है। जिले के करकेली जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत देवरा में सड़क निर्माण अधूरा होने के कारण प्रसव पीड़ा से जूझ रही एक गर्भवती महिला को ग्रामीणों ने हाथ-पैर पकड़कर लटकाकर करीब डेढ़ किलोमीटर तक मुख्य सड़क तक पहुंचाया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और क्षेत्र में सड़क निर्माण की स्थिति को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत देवरा में प्रधानमंत्री जनमन सड़क योजना के तहत लगभग चार वर्ष पहले सड़क निर्माण स्वीकृत हुआ था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य को लेकर लंबे समय तक विवाद चलता रहा और करीब आठ महीने पहले काम शुरू होने के बाद भी सड़क पूरी नहीं हो सकी। ग्रामीणों का कहना है कि जहां पहले से सीसी रोड मौजूद थी, वहीं निर्माण कराया जाने लगा, जबकि जिस मार्ग पर सड़क की जरूरत थी, वह अब भी अधूरा है। निर्माण के दौरान सड़क खोद दिए जाने से गांव तक पहुंचना मुश्किल हो गया है।
इसी बीच शुक्रवार को गांव निवासी मालती कोल, पत्नी सुनील कोल को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों ने 108 एंबुलेंस को सूचना दी, लेकिन खराब और कच्चे रास्ते के कारण एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी और राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर ही खड़ी रही। इसके बाद परिजनों ने ऑटो से महिला को ले जाने का प्रयास किया, लेकिन वाहन भी कीचड़ में फंस गया।
स्थिति गंभीर होने पर ग्रामीणों ने महिला को हाथ-पैर पकड़कर उठाया और करीब डेढ़ किलोमीटर तक मुख्य सड़क तक पहुंचाया। वहां से एंबुलेंस के जरिए उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चंदिया ले जाया गया, जहां महिला ने एक स्वस्थ पुत्र को जन्म दिया।
महिला के पति सुनील कोल ने बताया कि सड़क की बदहाल स्थिति के कारण गांव तक कोई वाहन नहीं पहुंच पा रहा था। ऑटो भी रास्ते में फंस गया, जिसके बाद ग्रामीणों की मदद से उनकी पत्नी को उठाकर हाईवे तक ले जाना पड़ा। उन्होंने कहा कि गांव में सड़क और एंबुलेंस जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव लोगों के लिए बड़ी परेशानी बना हुआ है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण कार्य में लापरवाही बरती गई है और अधूरे निर्माण के कारण पूरा गांव परेशानी झेल रहा है। उनका कहना है कि इस संबंध में विरोध भी किया गया था, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
मामले में प्रधानमंत्री सड़क योजना से जुड़े इंजीनियर नीरज द्विवेदी से मोबाइल फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी क्योंकि उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।
घटना का वीडियो सामने आने के बाद सड़क निर्माण की गुणवत्ता और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों ने अधूरी सड़क का निर्माण शीघ्र पूरा कराने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
हिन्दुस्थान समाचार / सुरेन्द्र त्रिपाठी

