शहडोल: कुलगुरु के चार वर्ष पूर्ण, विश्वविद्यालय में सम्मान एवं अभिनंदन कार्यक्रम
शहडोल, 18 अगस्त (हि.स.)। पंडित शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय शहडोल के कुलगुरु प्रो. रामशंकर के कार्यकाल के सफलतापूर्वक चार वर्ष पूर्ण होने पर मंगलवार को विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों द्वारा सम्मान एवं अभिनंदन कार्यक्रम आयोजित किए गए।
विश्वविद्यालय परिवार ने इस अवधि को अकादमिक गुणवत्ता, नवाचार, तकनीकी विकास, स्वास्थ्य जागरूकता और संस्थागत प्रगति के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रमों के दौरान कुलगुरु के नेतृत्व में विश्वविद्यालय में हुए विभिन्न सकारात्मक बदलावों और उपलब्धियों को रेखांकित किया गया।
चार वर्षों के दौरान विश्वविद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर दिया गया। विद्यार्थियों की प्रतिभा और व्यक्तित्व विकास के लिए विभिन्न क्लबों का गठन किया गया। मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए योग, ध्यान, खेल तथा स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की गईं। इसके अलावा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के सेमिनार, कार्यशालाएं और विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को नए अकादमिक अवसर उपलब्ध कराए गए। विश्वविद्यालय ने अपनी अकादमिक और प्रशासनिक गतिविधियों का विस्तार करते हुए एफिलिएटेड विश्वविद्यालय के रूप में भी महत्वपूर्ण प्रगति की।
वैदिक ज्ञान और AI तकनीक का अभिनव संगम
कुलगुरु के चार वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर कंप्यूटर साइंस एवं गणित विभाग द्वारा ‘वैदिक ज्ञान एवं AI तकनीक का अभिनव संगम’ विषय पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें भारतीय ज्ञान परंपरा में निहित वैदिक मंत्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीप लर्निंग एल्गोरिदम के माध्यम से तकनीकी रूप से प्रस्तुत करने वाली परियोजना का प्रदर्शन किया गया।
परियोजना के माध्यम से वैदिक मंत्रों में निहित ज्ञान, ध्वनि एवं ऊर्जा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का प्रयास किया गया। इसके साथ ही विद्यार्थियों में एकाग्रता, स्मरण शक्ति और मानसिक क्षमता के विकास की संभावनाओं का अध्ययन करने की दिशा में पहल की गई। आयोजन को प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण के बीच समन्वय स्थापित करने वाला महत्वपूर्ण प्रयास बताया गया।
कार्यक्रम का आयोजन कंप्यूटर साइंस एवं गणित विभागाध्यक्ष प्रो. प्रमोद कुमार पाण्डेय के मार्गदर्शन में हुआ। सहायक प्राध्यापक डॉ. मनीष तारम ने परियोजना का प्रस्तुतीकरण किया। डॉ. रचना दुबे, डॉ. शरद बारवे और डॉ. रुचि सिंह ने कार्यक्रम के समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अनुसंधान और नवाचार पर जोर
कुलगुरु प्रो. रामशंकर ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की नई तकनीकों, वैज्ञानिक दृष्टिकोण तथा अनुसंधान एवं नवाचार के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर सीखने, प्रयोग करने और नई संभावनाओं की तलाश करने के लिए प्रेरित किया। प्रो. प्रमोद कुमार पाण्डेय ने भारतीय ज्ञान परंपरा और वैदिक मंत्रों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि प्राचीन ज्ञान संपदा को आधुनिक विज्ञान और तकनीक से जोड़कर अनुसंधान एवं नवाचार के नए अवसर विकसित किए जा सकते हैं।
परिसर प्रभारी प्रो. प्रवीण शर्मा, कुलसचिव प्रो. आशीष तिवारी और शहडोल परिसर प्रभारी गीता सराफ ने कुलगुरु को चार वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वविद्यालय की प्रगति में कुलगुरु के नेतृत्व की सराहना की। डॉ. पूर्णिमा शर्मा और डॉ. ब्रजेन्द्र पाण्डेय ने भी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम में डॉ. बालेंद्र गर्ग, मोनिका विश्वकर्मा, पवन जायसवाल, मनीष तिवारी सहित कंप्यूटर साइंस एवं गणित विभाग के अन्य शिक्षक एवं सहयोगी सक्रिय रूप से उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय परिवार ने कहा कि कुलगुरु के नेतृत्व में बीते चार वर्षों में अकादमिक विस्तार, तकनीकी विकास, स्वास्थ्य एवं योग गतिविधियों, राष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक आयोजनों तथा शोधपरक कार्यक्रमों को नई गति मिली है। इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिवार ने कुलगुरु प्रो. रामशंकर के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वविद्यालय को उत्कृष्टता, अनुसंधान और नवाचार के नए आयामों तक पहुंचाने की उम्मीद जताई।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

