नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय में प्रशासनिक फेरबदल, तेंदुए के उपचार मामले में कानूनी नोटिस
जबलपुर, 03 अगस्त (हि.स.)। नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय में सोमवार को प्रशासनिक स्तर पर फेरबदल किया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्कूल ऑफ वाइल्ड लाइफ फोरेंसिक एंड हेल्थ के निदेशक पद का प्रभार डॉ. शोभा जावरे से लेकर डॉ. राजेश शर्मा को सौंप दिया है। वहीं, डॉ. शोभा जावरे को सर्जरी विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। सर्जरी विभाग का दायित्व संभाल रही डॉ. अपरा शाही अब केवल डायरेक्टर क्लीनिक के रूप में कार्य करेंगी।
विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. मनदीप शर्मा ने बताया कि अधिकारियों के कार्यभार और प्रशासनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए यह बदलाव किया गया है। उनके अनुसार विभागों के पुनर्गठन से कार्यों में बेहतर समन्वय, पारदर्शिता और प्रशासनिक दक्षता सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि सभी संबंधित अधिकारियों ने अपने नए दायित्व ग्रहण कर लिए हैं।
इस बीच, नरसिंहपुर से रेस्क्यू कर विश्वविद्यालय लाए गए घायल मादा तेंदुए के उपचार को लेकर विवाद गहरा गया है। उपचार के दौरान तेंदुए के 16 दांत टूटने के मामले में अधिवक्ता डॉ. दीपा कुलश्रेष्ठ ने कुलगुरु तथा वन विभाग के संबंधित अधिकारियों को कानूनी नोटिस भेजा है।
नोटिस में उपचार प्रक्रिया की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। साथ ही यह भी पूछा गया है कि तेंदुए को आवश्यकता से अधिक समय तक पिंजरे में क्यों रखा गया और उपचार एवं देखभाल के दौरान ऐसी स्थिति किन परिस्थितियों में उत्पन्न हुई।
तेंदुए के उपचार से जुड़े इस प्रकरण के सामने आने के बाद विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं, हालांकि, मामले में जांच और संबंधित पक्षों के जवाब के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक

