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यूजीसी कानून के विरोध में उमरिया में सवर्ण समाज का शक्ति प्रदर्शन, ‘यूजीसी गो बैक’ के नारों से गूंजा शहर

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यूजीसी कानून के विरोध में उमरिया में सवर्ण समाज का शक्ति प्रदर्शन, ‘यूजीसी गो बैक’ के नारों से गूंजा शहर


उमरिया, 15 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में यूजीसी के प्रस्तावित कानून के विरोध में सवर्ण समाज ने मंगलवार को करणी सेना के बैनर तले जोरदार प्रदर्शन किया। हजारों की संख्या में समाजजन एकजुट होकर सड़क पर उतरे और शहर के प्रमुख मार्गों से रैली निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने ‘यूजीसी गो बैक’ के नारे लगाते हुए प्रस्तावित कानून को वापस लेने की मांग की। रैली के बाद प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन उमरिया कलेक्टर को सौंपा।

प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर पहुंचे। रैली में यूजीसी के प्रस्तावित प्रावधानों को लेकर समाज की आपत्तियां सामने रखी गईं। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इन प्रावधानों को लेकर सवर्ण समाज में व्यापक असंतोष है और इससे सामाजिक एवं शैक्षणिक व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। उन्होंने सरकार से मांग की कि कानून को लेकर समाज की चिंताओं पर गंभीरता से विचार किया जाए और प्रस्तावित प्रावधानों पर पुनर्विचार किया जाए।

करणी सेना के नेतृत्व में निकली रैली शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंची। यहां प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री के नाम अपना ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा। प्रशासन की ओर से ज्ञापन लेने के लिए नायब तहसीलदार नयन सिंह मौजूद रहे। नायब तहसीलदार नयन सिंह ने बताया कि करणी सेना की ओर से यूजीसी कानून के विरोध में प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन दिया गया है। ज्ञापन को उचित माध्यम से आगे भेज दिया जाएगा। प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे। बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा, ताकि रैली के दौरान कानून-व्यवस्था बनी रहे।

करणी सेना के जिलाध्यक्ष राम सिंह ने बताया कि संगठन की ओर से एट्रोसिटी एक्ट और यूजीसी के विरोध में ज्ञापन दिया गया है। उन्होंने कहा कि एट्रोसिटी एक्ट को लेकर सवर्ण समाज की अपनी आपत्तियां हैं। उनका आरोप है कि इस कानून से आने वाली पीढ़ी और उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। उन्‍होंने कहा कि सवर्ण समाज से सलाह लिए बिना इस कानून को लागू किए जाने से समाज को नुकसान हुआ है। उन्होंने प्रधानमंत्री से मांग की कि एक्ट को वापस लेकर सवर्ण समाज को राहत दी जाए।

वहीं करणी सेना के जिला संगठन मंत्री ओम चंद प्रजापति ने कहा कि यूजीसी और संबंधित कानूनों के विरोध में देश और प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में आंदोलन चल रहा है। उन्होंने कहा कि सवर्ण समाज के लोगों को कानून के कारण प्रताड़ित नहीं किया जाना चाहिए और इसे जल्द से जल्द वापस लिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सवर्ण समाज के लोग भी इसी देश में जन्मे हैं और समाज में गरीब परिवारों के लोग भी बड़ी संख्या में हैं। उनकी गरीबी और समस्याओं को भी सुना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज के लोगों के बीच आपसी विवाद की स्थिति पैदा नहीं होनी चाहिए।

उमरिया में हुए इस प्रदर्शन के बाद अब प्रदर्शनकारियों की नजर सरकार के अगले कदम पर है। समाज की ओर से कानून में बदलाव या उसे वापस लेने की मांग उठाई गई है, जबकि प्रशासन ने ज्ञापन को उचित माध्यम से आगे भेजने की बात कही है।

हिन्दुस्थान समाचार / सुरेन्‍द्र त्रिपाठी