बेमौसम बारिश से उमरिया में किसानों की बढ़ी चिंता, खेत और खलिहान में फसल को नुकसान
उमरिया, 08 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में मंगलवार देर रात हुई बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में खड़ी और कटी फसल दोनों ही खराब होने की कगार पर पहुंच गई हैं। बताया जा रहा है कि करीब 90 प्रतिशत किसानों की फसल अभी खेतों में ही है, जबकि कई किसान गेहूं की कटाई की तैयारी में जुटे थे।
चना और मसूर जैसी फसल कटकर खलिहान में रखी हुई है, जिनकी गहाई की तैयारी चल रही थी, लेकिन बारिश के कारण काम ठप हो गया। किसानों का कहना है कि नमी बढ़ने से गेहूं के दाने काले पड़ सकते हैं, जिससे बाजार में उचित दाम मिलना मुश्किल होगा। वहीं चना, मसूर, बरबटी और भिंडी जैसी फसलों में भी कीड़े लगने का खतरा बढ़ गया है।
लालपुर निवासी किसान गेंद लाल कुशवाहा ने बताया कि बरबटी और भिंडी की फसल पहले ही खराब हो चुकी है, जबकि गेहूं, चना और मसूर को भी भारी नुकसान की आशंका है। उन्होंने कहा कि यदि तेज हवा के साथ और बारिश हुई तो फसल पूरी तरह बर्बाद हो सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों में बारिश और ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है। इससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है।
किसानों का कहना है कि यदि गेहूं की गुणवत्ता प्रभावित होती है तो सरकार को समर्थन मूल्य पर चमक विहीन गेहूं की खरीदी के आदेश जारी करने चाहिए, ताकि उन्हें कुछ राहत मिल सके।
हिन्दुस्थान समाचार / सुरेन्द्र त्रिपाठी

