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केन्द्री मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस का भाजपा कार्यालय तक मार्च

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केन्द्री मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस का भाजपा कार्यालय तक मार्च


भोपाल, 23 जुलाई (हि.स.)। नीट पेपर लीक मामले को लेकर प्रदेश की सियासत लगातार गरमा रही है। भाजपा के प्रदर्शन के अगले दिन गुरुवार को जिला कांग्रेस कमेटी भोपाल शहर के नेतृत्व में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई, छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमों की वापसी तथा संसद में इस मुद्दे पर चर्चा की मांग को लेकर प्रदेश कांग्रेस कार्यालय (पीसीसी) से भाजपा प्रदेश कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला गया।

मार्च में विधायक आरिफ मसूद, शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि परीक्षा घोटालों ने लाखों छात्रों के भविष्य को संकट में डाल दिया है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकार को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए तथा नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए।

पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोका मार्च

करीब दो सौ से अधिक कांग्रेस कार्यकर्ता पैदल भाजपा कार्यालय की ओर बढ़े, लेकिन पुलिस ने 5 नंबर बस स्टॉप के पास बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक लिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच कुछ देर तक नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन चलता रहा।

प्रदर्शन के दौरान युवक की पिटाई, आरोप-प्रत्यारोप शुरू

प्रदर्शन के दौरान उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब भीड़ ने एक युवक को पकड़कर पीटना शुरू कर दिया। मौके पर मौजूद पुलिस ने युवक को भीड़ से छुड़ाकर अस्पताल पहुंचाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ लोग युवक पर जेब काटने का आरोप लगा रहे थे। वहीं घायल युवक माज कुरैशी ने आरोप लगाया कि उसके साथ विधायक आरिफ मसूद के समर्थकों ने मारपीट की। उसका कहना है कि वह कांग्रेस कार्यकर्ता है और सोशल मीडिया पर विधायक के खिलाफ पोस्ट करने के कारण उसे निशाना बनाया गया।

आरिफ मसूद ने आरोपों को किया खारिज

मारपीट के आरोपों पर विधायक आरिफ मसूद ने किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदर्शन के दौरान मीडिया उनके साथ मौजूद था और उनका इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का आंदोलन केवल छात्रों को न्याय दिलाने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर था। मसूद ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा केंद्रीय शिक्षा मंत्री से इस्तीफा नहीं लेना यह दर्शाता है कि सरकार छात्रों के साथ न्याय नहीं करना चाहती। उन्होंने कहा कि कांग्रेस छात्रों के हितों की लड़ाई जारी रखेगी और पेपर लीक मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करती रहेगी।

कांग्रेस ने उठाईं ये प्रमुख मांगें

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, नीट सहित प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों पर संसद में चर्चा, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई तथा दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान दर्ज सभी एफआईआर और प्रकरण वापस लेने की मांग की।

कांग्रेस का दावा-छात्रों के हितों की लड़ाई जारी रहेगी

जिला कांग्रेस कमेटी भोपाल शहर ने कहा कि विद्यार्थियों और युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा। पार्टी छात्रों के अधिकारों, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और न्याय की मांग को लेकर अपना आंदोलन आगे भी जारी रखेगी। प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस महासचिव संजीव सक्सेना, पूर्व लोकसभा प्रत्याशी अरुण श्रीवास्तव, एनएसयूआई के राष्ट्रीय प्रभारी अंशुल त्रिवेदी, प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे, संगठन महामंत्री अभिषेक शर्मा, प्रदेश सचिव गुड्डू चौहान, राजकुमार सिंह सहित कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई और जिला कांग्रेस कमेटी के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे