नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, सफाई कर्मचारियों के नियमितीकरण और 25 हजार रुपए वेतन की मांग उठाई
भोपाल, 05 नवंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रदेश के सफाई कर्मचारियों की वेतन, नियमितीकरण, रोजगार सुरक्षा और अन्य लंबित मांगों को लेकर गुरुवार को भोपाल स्थित सरकारी आवास पर प्रेस वार्ता की। उन्होंने इन मुद्दों पर प्रदेश सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र भी लिखा है।
उमंग सिंघार ने पत्रकार वार्ता काे संबाेधित करते हुए कहा कि प्रदेश के नगरीय निकायों में सफाई का काम करने वाले कर्मचारियों को उनकी मेहनत के अनुरूप वेतन और रोजगार की सुरक्षा नहीं मिल पा रही है। उन्होंने दावा किया कि कई स्थानों पर कर्मचारियों को 6 से 9 हजार रुपए तक मासिक वेतन दिया जा रहा है। ऐसे में महंगाई के बीच परिवार का भरण-पोषण करना उनके लिए मुश्किल हो रहा है। उन्होंने सरकार से सफाई कर्मचारियों की समस्याओं का समयबद्ध निराकरण करने की मांग की।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि स्वच्छता अभियान और शहरों की रैंकिंग में सफाई कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है, लेकिन उनके वेतन, सामाजिक सुरक्षा और स्थायी रोजगार से जुड़े सवालों पर भी उतना ही ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि 3 नवंबर को भोपाल में प्रदर्शन के बाद सफाई कर्मचारियों ने 4 नवंबर से प्रदेशव्यापी कामबंद हड़ताल की घोषणा की थी।
नियमितीकरण और न्यूनतम वेतन की मांग
सिंघार ने सफाई कर्मचारियों की चार प्रमुख मांगें सामने रखीं। इनमें वर्षों से काम कर रहे दैनिक वेतनभोगी और विनियमित कर्मचारियों को नियमित कर सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने, सभी नगरीय निकायों में न्यूनतम 25 हजार रुपए मासिक वेतन सुनिश्चित करने, ठेका एवं आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त कर स्थायी रोजगार देने तथा सेवाकाल में कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके परिवार के पात्र सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति देने की मांग शामिल है।
उन्होंने कहा कि भोपाल में कई सफाई कर्मचारियों को 29 दिन काम करने के बाद करीब 9 हजार रुपए वेतन मिल रहा है। वहीं, प्रदेश के कुछ अन्य नगरीय निकायों में यह राशि 6 से 7 हजार रुपए तक बताई जा रही है। उन्होंने सरकार से कर्मचारियों के वेतन और कार्य परिस्थितियों की समीक्षा कर न्यूनतम वेतन के संबंध में स्पष्ट निर्णय लेने की मांग की।
सीवर सफाई के दौरान मौतों पर उठाए सवाल
प्रेस वार्ता में उमंग सिंघार ने सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान कर्मचारियों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। उनके अनुसार, जून 2023 से जुलाई 2026 के बीच ग्वालियर, रीवा, सतना, इंदौर और उज्जैन में हुई पांच घटनाओं में आठ लोगों की मौत हुई, जबकि चार लोग घायल हुए। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं के बाद सीवर सफाई में सुरक्षा उपकरणों, प्रशिक्षित कर्मचारियों और निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं के पालन को लेकर जवाबदेही तय होनी चाहिए।
उन्होंने मैनुअल स्कैवेंजिंग अधिनियम, 2013 का उल्लेख करते हुए कहा कि कानून में सुरक्षा उपायों के बिना खतरनाक तरीके से सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए लोगों को नियोजित करने पर रोक है। इसके उल्लंघन पर दंड का भी प्रावधान है। सिंघार ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत सीवर सफाई के दौरान मौत होने पर 30 लाख रुपए मुआवजे के प्रावधान का हवाला देते हुए सरकार से पूछा कि प्रभावित परिवारों को अब तक कितना मुआवजा दिया गया है और कितने मामले लंबित हैं।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद नीति बनाने की मांग
सिंघार ने कर्मचारियों के नियमितीकरण के मुद्दे पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के आदेशों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 25 मार्च 2025 को हाईकोर्ट ने वर्षों से कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए व्यापक नीति बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद 21 सितंबर 2026 को युगलपीठ ने सरकार की अपील खारिज करते हुए नीति तैयार करने संबंधी निर्देश बरकरार रखे। उन्होंने कहा कि सरकार को न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप नियमितीकरण की नीति तैयार कर कर्मचारियों के भविष्य को लेकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
सम्मान के साथ अधिकार और सुरक्षा भी जरूरी
उमंग सिंघार ने कहा कि सफाई कर्मचारी शहरों को स्वच्छ रखने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। वर्ष 2019 के प्रयागराज कुंभ के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सफाई कर्मचारियों के पैर धोकर सम्मान देने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सम्मान के साथ उन्हें उचित वेतन, सुरक्षित कार्यस्थल और स्थायी रोजगार भी मिलना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि सफाई कर्मचारियों के नियमितीकरण, न्यूनतम वेतन, ठेका व्यवस्था और अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े मुद्दों पर जल्द निर्णय लिया जाए। साथ ही सीवर सफाई के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

