उज्जैन में थप्पड़ काण्ड : तीन घण्टे की जद्दोजहद के बाद कमरे सहित पूरी होटल की सील
उज्जैन, 09 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उज्जैन में एक होटल संचालक के बेटे ने बुधवार को नगर निगम के झोन 3 से 6 तक के भवन अधिकारी सह नगर निगम के प्रभारी फायर अधिकारी के शासकीय दस्तावेज एवं वायरलेस सेट टेबल से जमीन पर फैका, उसे धमकाया और चार थप्पड़ मारे। यह पूरी घटना सीसीटीवी में कैद होकर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।
इसके बाद घटना के दूसरे दिन गुरूवार को जब निगम के तमाम इंजीनियर,सहायक इंजीनियर,सब इंजीनियर एवं शिल्पज्ञ विभाग का अमला मौके पर होटल के अवैध बने हिस्से को तोडऩे के लिए जेसीबी एवं पुलिस बल लेकर पहुंचे तो मामला फुस्स हो गया। कमरे सहित पूरी होटल को सील करने के बाद निगम अमला अपने घरों को रवाना हो गया।
बुधवार को होटल पीतांबरा रेसीडेंसी के संचालक के पुत्र विकास आरोण्या ने निगम अधिकारी एलएन साहू को थप्पड़ मारे थे। वे फायर एनओसी/ऑडिट के दस्तावेज जांचने होटल गए थे। पूरे घटनाक्रम के बाद महाकाल थाना पुलिस ने विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया था वहीं विकास को गिरफ्तार कर लिया था,जिसे गुरूवार को न्यायालय ने जेल भेज दिया है। इधर गुरूवार को निगम के तमाम इंजीनियर्स ने काम बंद हड़ताल की,हाथ पर काली पट्टी बांधी और किसी अधिकारी के निर्देश पर ( उक्त होटल की मंजिले अवैध है तथा सम्पत्ति कर आवासीय भरा जा रहा है) होटल के अवैध निर्माण को तोडऩे के लिए जेसीबी लेकर निकल पड़े। मौके पर भीड़ जमा हो गई वहीं महाकाल थाना पुलिस भी आ गई।
किसी का फोन आया और मुहिम रूक गईघटना के वक्त निगम का भारी अमला और जेसीबी देखकर लोग चौंके वहीं आरोपी की पत्नि नीलम मौके पर आई ओर उसने जेसीबी के पंजे को पकड़ लिया। साथ ही उक्त होनेवाली कार्यवाही का जबर्दस्त विरोध किया। बाद में उसने कमरों में रखा सारा सामान निकालने की अनुमति मांगी। महिला पुलिस ने उसे एक वाहन में बैठाया और रवाना कर दिया। इधर सूत्रों का दावा है कि किसी अधिकारी का फोन आने के बाद इंजीनियर्स की टीम ने होटल के कमरे सहित पूरी होटल को सील कर दिया। इस दौरान मौके पर हंगामे की स्थिति भी बनी। पुलिसकर्मियों ने विकास आरोण्यिा के परिवार के लोगों को भी रोका तथा उनकी बात सुनी।
इस संबंध में थाना प्रभारी गगन बादल ने बताया कि नगर निगम अधिकारी के साथ मारपीट के मामले में विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया था। जिसके बाद आरोपी विकास को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया था। जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनातगुरूवार को निगम अधिकारी, कर्मचारियों के साथ ही मौके पर भारी पुलिस बल तैनात था। नगर निगम की कार्रवाई का परिजनों ने जमकर विरोध भी किया। यहीं कारण है कि पुलिस की निगरानी में नगर निगम अधिकारियों ने होटल को पूरी तरह से सील कर दिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / ललित ज्वेल

