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उज्जैन: भस्म आरती में भांग-चंदन से सजे महाकाल, रजत मुकुट-मुंडमाला से हुआ दिव्य श्रृंगार

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उज्जैन: भस्म आरती में भांग-चंदन से सजे महाकाल, रजत मुकुट-मुंडमाला से हुआ दिव्य श्रृंगार


उज्जैन, 01 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में गुरुवार तड़के आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि पर भस्म आरती संपन्न हुई। सुबह चार बजे मंदिर के पट खुलने के बाद पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित देवी-देवताओं का पूजन किया। इसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक किया गया।

प्रथम घंटाल के साथ भगवान महाकाल को हरिओम का जल अर्पित किया गया। कपूर आरती के बाद बाबा महाकाल का भांग, चंदन, आभूषण और सुगंधित गुलाब के पुष्पों से विशेष श्रृंगार किया गया। मस्तक पर रजत चंद्र और त्रिपुंड धारण कराया गया। इसके बाद रजत मुकुट से भगवान का अलंकरण किया गया।

भस्म अर्पण से पहले ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से ढंककर मंत्रोच्चार के बीच भस्म अर्पित की गई। महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई। इसके बाद शेषनाग का रजत मुकुट, रजत मुंडमाला, रुद्राक्ष की माला और पुष्पमालाएं अर्पित कर भगवान का राजा स्वरूप में श्रृंगार किया गया। फल और मिष्ठान का भोग भी लगाया गया।

मान्यता है कि भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार स्वरूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। भक्तों ने बाबा महाकाल के दर्शन किए और नंदी महाराज के दर्शन कर उनके कान में अपनी मनोकामना कही। इस दौरान मंदिर परिसर बाबा महाकाल के जयकारों से गूंजता रहा।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे