राजगढ़ः दो हफ्ते के इंतजार के बाद मेहरबान हुआ मानसून, बारिश से खिली किसानों की उम्मीद
राजगढ़,21 जुलाई (हि.स.)। मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले में करीब दो सप्ताह के लंबे इंतजार के बाद मंगलवार तड़के से जिले में शुरू हुई झमाझम बारिश ने किसानों के चेहरे पर मुस्कान लौटा दी। लगातार 8 से 10 घंटे तक हुई बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी पहुंची और सूखने की कगार पर खड़ी खरीफ फसलों को नया जीवनदान मिल गया।
वहीं दूसरी ओर बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था की भी पोल खोल दी। ब्यावरा शहर की कई सड़कें जलमग्न हो गईं, जबकि राजगढ़ बायपास चौराहा स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग के फ्लाईओवर के नीचे करीब दो फीट पानी भर जाने से राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जुलाई के पहले सप्ताह में मानसून की शुरुआत के बाद लंबे समय तक बारिश नहीं होने से किसान चिंतित थे। सोयाबीन, मूंग, उड़द, मक्का, ज्वार और तिल की फसलें नमी के अभाव में प्रभावित हो रही थीं। सबसे ज्यादा असर सोयाबीन पर दिखाई दे रहा था, जहां कई खेतों में पौधों की बढ़वार रुक गई थी और फसल पीली पड़ने लगी थी। मंगलवार की बारिश से खेतों में दोबारा नमी लौट आई है।
किसानों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक रुक-रुककर इसी तरह बारिश होती रही तो खरीफ फसलों के अच्छे उत्पादन की उम्मीद बढ़ जाएगी। बारिश के चलते शहर के कई निचले इलाकों और मुख्य मार्गों पर जलभराव की स्थिति बन गई। स्कूल, कार्यालय और बाजार जाने वाले लोगों को बारिश के बीच आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ा। खास बात यह रही कि बायपास फ्लाईओवर के नीचे हर बारिश में जलभराव की समस्या सामने आती है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। हालांकि बारिश ने उमस और तेज गर्मी से राहत जरूर दिलाई। मौसम विभाग के अनुसार क्षेत्र में मानसूनी सिस्टम एक बार फिर सक्रिय हो गया है। इसके प्रभाव से आने वाले कुछ दिनों तक जिले में रुक-रुककर अच्छी बारिश होने की संभावना है। इससे अब तक बारिश की कमी झेल रहे जिले में स्थिति सुधरने और कृषि कार्यों को गति मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मनोज पाठक

