मंदसौरः 2017 के किसान आंदोलन में शहीद हुए किसानों को बही चौपाटी पर दी गई श्रद्धांजलि
मंदसौर, 06 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में बही चौपाटी पर संयुक्त किसान मोर्चा ने शनिवार को श्रद्धांजलि सभा का आयोजन कर वर्ष 2017 में किसान आंदोलन के दौरान अपने हक की लड़ाई लड़ते हुए शहीद हुए छह अन्नदाता किसानों को श्रद्धांजलि देते हुए उनकी तस्वीरों पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।
गौरतलब है कि 6 जून 2017 को किसान आंदोलन के दौरान प्रदर्शन कर किसानों पर पुलिस ने गोलीबारी की थी, जिसमें छह किसानों- अभिषेक, पूनमचंद, चेनराम, सत्यनारायण, कन्हैयालाल एवं घनश्याम की मौत हो गई थी।
किसान नेता महेश व्यास लदुसा ने शहीद किसानों के बलिदान को याद करते हुए कहा कि 6 जून 2017 की घटना के दोषियों पर आज तक कोई कार्यवाही नहीं की गई, जबकि म.प्र. में इस दौरान भाजपा एवं कांग्रेस दोनों की सरकारें रही। इसके बावजूद किसी ने भी पुलिस द्वारा अवैध गोली चालन करने वाले दोषियों का न तो पता लगाया और न ही दोषियों को सजा दी गई और तो और जैन आयोग की रिपोर्ट भी सार्वजनिक नहीं की गई।
उन्होंने कहा कि जब तक किसान अपने हक व अधिकार के लिये अपना किसान संगठन बनाकर एक जूट होकर सभी राजनीतिक पार्टियों का सख्त विरोध कर सत्ता से बेदखल कर अपनी सरकार नहीं बनाएगा तब तक ऐसे ही शोषित होता रहेगा। किसानों ने शहीद किसानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी निर्मम हत्या करने वाले दोषियों के नाम उजागर कर सजा दिये जाने की राज्य व केन्द्र सरकार से मांग की।
उपस्थित किसानों ने वर्तमान कृषि परिदृश्य, किसानों की ज्वलंत समस्याओं और भविष्य की रणनीतियों पर भी चर्चा की। जिसमें मांग की गई कि किसानों की उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य एमएसपी का कानून बनाया जाए तथा सभी फसलों का एमएसपी से नीचे खरीदी कर आपराधिक प्रकरण दर्ज किये जाये। किसान कर्ज माफी योजना से वंचित रहे किसानों का सम्पूर्ण कर्ज माफ किया जाए एवं जिन किसानों का कर्ज बकाया है उनका शून्य घोषित कर पुन: ऋण दिया जावे। कृषि उपज मंडियों में किसानों की आधार कार्ड के माध्यम से पहचान सुनिश्चित की जाए, ताकि बिचौलियों द्वारा नकली किसान बनकर कृषि उपज नहीं बेच सके। बाजारों में नकली खाद एवं कृषि दवाइयां बिक्री को तुरंत रोका जाए। सहकारी समितियों एवं व्यापारियों के गोदाम पर खाद के सेम्पल नमूना लेकर परीक्षण कराया जाए।
इस अवसर पर संयुक्त किसान मोर्चा के दिलीप पाटीदार बुढ़ा, राजेन्द्र पुरोहित मनासा, अशोक आर्य खेड़ा खदान, कुंजीलाल पाटीदार, रामचन्द्र पाटीदार, बाबूलाल टकरावद, राजेन्द्र, मूलचंद, मुकेश पाटीदार चिल्लोद पिपलिया, पुष्कर पाटीदार, परमानन्द बही पार्श्वनाथ, प्रदीप जैन मुलताई, संजय उपाध्याय मनासा, रविन्द्र पाटीदार साबाखेड़ा, दिनेश बालागुड़ा, कचरूलाल बरखेड़ापंथ, नंदलाल एवं समस्त पदाधिकारीगण व बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / अशोक झलोया

