अनूपपुर: धड़ल्ले से हो रही पेड़ों की कटाई, वन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
अनूपपुर, 15 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के कोतमा वन परिक्षेत्र अंतर्गत आरएफ 463 सकोला बीट क्षेत्र में वन संपदा की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। भालूमाड़ा में आनंद मिश्रा के बाड़ी के पास वन विभाग की भूमि पर खड़े बड़े पेड़ों की कटाई का मामला सामने आया है, लेकिन अब तक इस पर स्पष्ट और ठोस कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है।
जानकारी के अनुसार 13 मार्च को लगभग 3 मीटर से अधिक गोलाई वाले सेमर के पेड़ को काट दिया गया। वहीं 14 मार्च को उसी स्थान पर एक नीलगिरी का पेड़ भी काट दिया गया। लगातार दो दिनों में बड़े पेड़ों की कटाई से स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।
इस संबंध में जब सकोला बीट के बीट गार्ड बिहारी लाल रजक से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि सूखी लकड़ी काटी गई है और पीओआर (वन अपराध प्रकरण) दर्ज कर दिया गया है। हालांकि पीओआर नंबर मांगने पर वह उपलब्ध नहीं कराया गया, जिससे मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
वहीं कोतमा के रेंजर से बात करने पर उन्होंने बताया कि पीओआर दर्ज कर वन अपराध प्रकरण बनाया गया है और आगे की कार्रवाई जारी है। लेकिन यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि कार्रवाई किसके खिलाफ की गई है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि एक लाल रंग का ट्रैक्टर घटनास्थल पर देखा गया था, जिससे पेड़ काटे जाने की बात सामने आई है। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि आखिर वन विभाग अवैध कटाई पर प्रभावी रोक कब लगाएगा, या फिर कार्रवाई केवल कागजी प्रक्रिया तक ही सीमित रह जाएगी।
बिहारी लाल रजक, बीट गार्ड सकोला का कहना है कि “सेमर की लकड़ी काटी गई है, जिस पर पीओआर काटकर वन प्रकरण दर्ज किया गया है। पीओआर क्रमांक अभी नहीं मिल पाएगा।”
हरीश तिवारी, रेंजर कोतमा का कहना हैं कि “मैं अभी हाथी ड्यूटी में हूं। पीओआर काटकर वन अपराध दर्ज किया गया है, आगे की कार्यवाही जारी है।”
सीसीएफ, वन विभाग शहडोल का कहना हैं कि “सेमर की लकड़ी काटे जाने की जानकारी कल ही मुझे हुई है। इस संबंध में मैंने डीएफओ अनूपपुर को कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। पीओआर काटकर वन अपराध पंजीकृत करते हुए मामले की जांच कराई जा रही है।”
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

