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टीकमगढ़ में लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई, 10 हजार की रिश्वत लेते पटवारी रंगे हाथ गिरफ्तार

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टीकमगढ़ में लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई, 10 हजार की रिश्वत लेते पटवारी रंगे हाथ गिरफ्तार


टीकमगढ़, 02 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ सागर लोकायुक्त पुलिस ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए गोपालपुर-कारी हल्के में पदस्थ पटवारी अजय सूत्रकार को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। जमीन संबंधी रास्ते के एक प्रकरण में कार्रवाई करने के बदले पटवारी ने किसान से 15 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी।

शिकायत के सत्यापन के बाद लोकायुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया। पंचायत भवन परिसर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई और पूरे क्षेत्र में मामले की चर्चा होती रही।

जानकारी के अनुसार फुटेरी (पुटेरी) गांव निवासी पुन उर्फ पोंटू आदिवासी का जमीन से जुड़े रास्ते का मामला लंबित था। किसान का कहना है कि वह करीब 20 वर्षों से उक्त भूमि पर काबिज है और संबंधित प्रक्रिया पूरी कराने के लिए कई बार पटवारी कार्यालय के चक्कर लगा चुका था। आरोप है कि पटवारी अजय सूत्रकार ने रास्ते संबंधी प्रकरण और पट्टा बनाने की कार्रवाई आगे बढ़ाने के एवज में 15 हजार रुपए रिश्वत की मांग की। फरियादी के मुताबिक पटवारी लगातार पैसे देने का दबाव बना रहा था। सरकारी काम के लिए रिश्वत मांगने से परेशान होकर उसने सागर लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। लोकायुक्त पुलिस ने शिकायत प्राप्त होने के बाद पूरे मामले का सत्यापन कराया। जांच में रिश्वत मांगने के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी पटवारी पहले ही फरियादी से 5 हजार रुपए ले चुका था और शेष 10 हजार रुपए लेने की तैयारी में था। इसके बाद लोकायुक्त टीम ने ट्रैप की रणनीति तैयार की और आरोपी को रंगे हाथ पकड़ने के लिए विशेष योजना बनाई।

मंगलवार को तय योजना के अनुसार फरियादी किसान 10 हजार रुपये लेकर ग्राम पंचायत गोपालपुर के पंचायत भवन पहुंचा। जैसे ही पटवारी अजय सूत्रकार ने रिश्वत की राशि अपने हाथ में ली, पहले से आसपास तैनात लोकायुक्त टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद लोगों को कुछ समझ आता, उससे पहले टीम ने आरोपी को हिरासत में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी। लोकायुक्त अधिकारियों ने मौके पर ही आरोपी पटवारी का रासायनिक परीक्षण कराया। जैसे ही उसके हाथ विशेष रसायन वाले घोल में धुलवाए गए, घोल का रंग लाल हो गया। इससे यह प्रमाणित हो गया कि आरोपी ने रिश्वत की रकम को हाथ लगाया था। इसके बाद रिश्वत की राशि जब्त कर पंचनामा तैयार किया गया। लोकायुक्त अधिकारियों ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

पटवारी की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया। पंचायत भवन परिसर में ग्रामीणों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। लोग पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चा करते नजर आए। लोकायुक्त अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई शासकीय कर्मचारी किसी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है तो उसकी शिकायत तत्काल लोकायुक्त संगठन से करें। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाती है तथा भ्रष्टाचार के मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे