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अनूपपुर: 17 दिन बाद भोलगढ़ से आगे बढ़े तीन हाथी, कई गांवों में मचाया उत्पात, ग्रामीण अब भी दहशत में

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अनूपपुर: 17 दिन बाद भोलगढ़ से आगे बढ़े तीन हाथी, कई गांवों में मचाया उत्पात, ग्रामीण अब भी दहशत में


अनूपपुर: 17 दिन बाद भोलगढ़ से आगे बढ़े तीन हाथी, कई गांवों में मचाया उत्पात, ग्रामीण अब भी दहशत में


अनूपपुर, 22 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में पिछले एक माह से विचरण कर रहा तीन हाथियों का दल अब भोलगढ़ के जंगल की ओर बढ़ गया है। छत्तीसगढ़ सीमा से जिले में प्रवेश करने वाले ये हाथी पिछले 17 दिनों से जिला मुख्यालय से करीब 7 किलोमीटर दूर बरबसपुर ग्राम पंचायत के भोलगढ़ वन क्षेत्र और कुरियारी जंगल में डेरा डाले हुए थे। मंगलवार-बुधवार की रात हाथियों का दल भोलगढ़ के भगतबांध जंगल पहुंच गया, जहां उसने सुबह तक डेरा जमाए रखा है।

वन क्षेत्र में विचरण के दौरान हाथियों ने कई पेड़ों को नुकसान पहुंचाया और कटनी-गुमला राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे वन विभाग द्वारा लगाए गए बांस भी खा लिए। रात के समय हाथी पोड़ी के सांधा तिराहा से लेकर भोलगढ़ के पिंजरहा धार के बीच कई स्थानों पर अचानक राष्ट्रीय राजमार्ग पार करते रहे, जिससे तेज रफ्तार वाहनों से दुर्घटना की आशंका बनी रही।

हाथियों ने पोंड़ी, मानपुर, बरबसपुर, खांड़ा और भोलगढ़ सहित कई गांवों में देर रात प्रवेश कर ग्रामीणों के घरों में तोड़फोड़ की। घरों में रखा अनाज और खेतों-बाड़ियों की फसलें भी हाथियों ने नुकसान पहुंचाया। लगातार हो रही घटनाओं के कारण ग्रामीण पूरी रात जागकर पहरा देने को मजबूर रहे।

भोलगढ़ बस स्टैंड पर लगे हैंडपंप का हैंडल भी हाथियों ने टेढ़ा कर दिया। वहीं एक रात वन चौकी भोलगढ़ की कंटीले तारों की बाउंड्री और आरसीसी पोल को क्षतिग्रस्त करते हुए खिड़की उखाड़ने का भी प्रयास किया।

हाथियों के लगातार नुकसान से परेशान ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, वन विभाग, जनप्रतिनिधियों और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई है। ग्रामीणों ने फसलों और संपत्ति के नुकसान का मुआवजा देने तथा हाथियों को सुरक्षित रूप से क्षेत्र से बाहर निकालने की मांग की है। स्थिति में सुधार नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है।

ग्रामीणों और वन विभाग के गश्ती दल ने कई बार हाथियों को गांवों से दूर करने का प्रयास किया, लेकिन कई मौकों पर हाथियों ने ग्रामीणों और वन कर्मियों को भी खदेड़ दिया।

फिलहाल हाथियों का दल भोलगढ़ के भगतबांध जंगल में मौजूद है। अब रात के समय वे किस दिशा में आगे बढ़ेंगे, इस पर सभी की नजर बनी हुई है। बारिश के मौसम में कच्चे मकानों को नुकसान और टूटे घरों में जहरीले जीव-जंतुओं के प्रवेश की आशंका से ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला