राजगढ़ में दर्दनाक हादसा: खदान में डूबने से दो मासूम भाई-बहन और मामी की मौत
राजगढ़, 6 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा थाना क्षेत्र स्थित जगन्यापुरा गांव में सोमवार को पानी से भरी एक खदान तीन लोगों के लिए मौत का कारण बन गई। करीब 25 से 30 फीट गहरी खदान में डूबने से दो सगे भाई-बहन और उन्हें बचाने गई उनकी मामी की मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है, जबकि खदानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार भोपाल जिले के कड़िया बैरसिया निवासी पारदी परिवार पिछले तीन वर्षों से जगन्यापुरा में मजदूरी कर रहा है। सोमवार को परिवार के सदस्य खदान के पास पहुंचे थे। इसी दौरान छह वर्षीय नेवरन पारदी का पैर फिसलने से वह गहरे पानी में डूबने लगा। उसे बचाने के लिए 33 वर्षीय मामी सायराबाई पारदी पानी में उतरीं, लेकिन अधिक गहराई होने के कारण वह भी डूब गईं। दोनों को बचाने के प्रयास में नौ वर्षीय निम्रता पारदी भी पानी में चली गई और तीनों की मौत हो गई।
सूचना मिलते ही एसडीएम गोविंद कुमार दुबे, एसडीओपी प्रकाश शर्मा और ब्यावरा थाना प्रभारी शिवराज सिंह चौहान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। करीब एक घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद तीनों के शव बाहर निकाले गए। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह खदान सुठालिया थाना क्षेत्र के मोठबड़ली निवासी घनश्याम सौधिया के गिट्टी क्रेशर से संबंधित बताई जा रही है। प्रशासन ने खदान की लीज, गहराई और सुरक्षा इंतजामों की जांच शुरू कर दी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि खनन नियमों के तहत ऐसी खदानों के चारों ओर घेराबंदी, चेतावनी बोर्ड और अनधिकृत प्रवेश रोकने की व्यवस्था अनिवार्य होती है। बरसात में पानी भरने के बाद ये खदानें बेहद खतरनाक हो जाती हैं। यदि सुरक्षा मानकों में लापरवाही सामने आती है तो खदान संचालक के साथ संबंधित विभागों की जिम्मेदारी भी तय की जा सकती है।
पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है, जबकि प्रशासन हादसे के कारणों और सुरक्षा व्यवस्था में संभावित लापरवाही की विस्तृत पड़ताल कर रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार / मनोज पाठक

