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अनूपपुर: मंदिरों में धूमधाम से मनाया भगवान राम का प्रकृट्यत्सव

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अनूपपुर: मंदिरों में धूमधाम से मनाया भगवान राम का प्रकृट्यत्सव


अनूपपुर: मंदिरों में धूमधाम से मनाया भगवान राम का प्रकृट्यत्सव


अनूपपुर: मंदिरों में धूमधाम से मनाया भगवान राम का प्रकृट्यत्सव


अनूपपुर, 27 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में नौ दिनों से मंदिरों और घरों में स्थापित घटों में विराजी आदिशक्ति माता की उपासना का मनाया जा रहा चैत्र नवरात्रि का महापर्व रिद्धि सिद्धि पूजन व हवन के साथ शुक्रवार को समाप्त हो गया। भक्तों ने घंटाल, शंख बजाकर मां आदिशक्ति का आह्वान किया और अपने द्वारा किए गए अपराधों की क्षमा याचना मांग परिवार की सुख-समृद्धि की मनोकामनाएं पूर्ण करने का वर भी मांगा। इस मौके पर माताओं ने ब्रह्म कन्याओं की पूजा अर्चना कर उन्हें कन्या भोज कराया। जबकि दूसरी ओर चैत माह के शुक्ल नवमी के दिन भगवान श्रीराम के जन्म होने के उपलक्ष्य में जिलेभर में रामनवमी का त्योहार भी मनाया गया।

इसके पूर्व मंदिरों में गुरूवार को अष्टमी मनाते हुए कन्या। भोज कराया गया। आज शाम को जवारा विसर्जन होगा। वहीं दोपहर को अनूपपुर, कोतमा सहित कई स्था नों में युवाओं रामनवमी पर रैली निकाली।

राज्य मंत्री ने रामनगर स्थित प्रभु श्रीराम मंदिर में किया दर्शन

रामनवमी के पावन अवसर पर कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल डोला रामनगर स्थित प्रभु श्रीराम मंदिर में दर्शन कर उनके श्रीचरणों में प्रणाम किया तथा समस्त जनकल्याण की कामना की। इस दौरान राज्य मंत्री ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया।

जिला मुख्यालय अनूपपुर के रामजानकी मंदिर सहित जिले भर की राम मंदिरों में दोपहर 12 बजे भगवान श्रीराम का प्रकृट्यत्सव मनाया गया। बाबा कुटी धाम, सहित अमरकंटक, जैतहरी, पसान, कोतमा, बिजुरी, राजेन्द्रग्राम, चाचई सहित ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ पूजा अर्चना के लिए रहीं। यहां भक्तों ने मंदिरों और घरों में माता सीता संग भगवान श्रीराम और उनके भक्त श्रीहनुमान की विधि विधान से पूजा अर्चना की और प्रसाद वितरण किया। बिजुरी के हनुमान मंदिर में स्थानीय भक्तों ने कीर्तन भजन कर हर्षोल्लास के साथ रामनवमी का त्योहार मनाया। वहीं चैत्र नवरात्रि के नौवीं और रामनवमी दोनों पर्व के एक साथ होने पर जगह जगह श्रद्धालुओं द्वारा भंडारे का भी आयोजन किया गया।

भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव रामनवमी के पावन अवसर पर राम जानकी मंदिर में भव्य धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और पूरा क्षेत्र जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। आस्था और उत्साह से सराबोर इस आयोजन में हजारों की संख्या में भक्तों ने सहभागिता निभाई। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः लगभग 10:00 बजे से हुई जिसमें भजन-कीर्तन रामचरितमानस पाठ एवं विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। मंदिर परिसर को फूलों और आकर्षक सजावट से भव्य रूप दिया गया था जिससे वातावरण अत्यंत मनोहारी और आध्यात्मिक बना रहा। भक्तगण पूरे श्रद्धा भाव से पूजा-पाठ में लीन नजर आए।

जिला मुख्यालय अनूपपुर के रामजानकी मंदिर में रामनवमी के शुभ मुहूर्त दोपहर 12 बजे भगवान श्रीराम के जन्म का विशेष अनुष्ठान विधि-विधान से संपन्न किया गया। इस दौरान पुजारियों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान का अभिषेक और महाआरती की गई। जैसे ही जन्म का समय हुआ मंदिर में उपस्थित श्रद्धालुओं ने घंटे-घड़ियाल बजाकर और जयकारों के साथ प्रभु श्रीराम का स्वागत किया। मुख्य कार्यक्रम सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक चला।

रामनवमी के अवसर पर जिला मुख्यालय स्थित राम जानकी मंदिर के पुजारी की लगातार कई वर्षों से सेवा के लिए मंदिर समिति ने शाल श्रीफल से सम्मान किया

हिन्दु धर्म शास्त्रों के अनुसार त्रेतायुग में रावण के अत्याचारों को समाप्त करने तथा धर्म की पुन: स्थापना के लिए भगवान विष्णु ने मृत्यु लोक में श्रीराम के रूप में अवतार लिया था। श्रीराम चन्द्र का जन्म चैत्र शुक्ल की नवमी को रानी कौशल्या की कोख से राजा दशरथ के घर में हुआ था। रामनवमी का त्योहार पिछले कई हजार सालों से मनाया जा रहा है। यह पर्व, श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है। रामनवमी के दिन ही चैत्र नवरात्र की समाप्ति भी हो जाती है। दोपहर के 12 बजते ही मंदिरों में घंटा घडियाल बजा कर भय प्रकट कृपाला दीनदयाला के स्वर गूंजने लगे भगवान राम का जन्मो्त्स्व धूमधाम से मनाया गया। सोमवार को मॉ काली का चल समारोह सिद्धबाबा चेतना नगर से निकल कर मढिया दुर्गा मंदिर तलाब में विर्सजन होगा।

सुरक्षा के लिए की गई जवानो की तैनाती

अतरिक्त पुलिस अधीक्षक जगनाथ मरकाम ने बताया कि नवरात्रि की समाप्ति और रामनवमी पर्व को देखते हुए जिले के सभी थाना क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था दुरूस्त रखी गई है। जिले के कुछ देवी स्थानों पर स्थापित किए गए जवारे के विसर्जन यात्रा सोमवार की आयोजित किया जाएगा। जिसमें सुरक्षा व्यवस्थाओं के बीच कन्या, महिलाएं व भक्तों द्वारा ज्वारा अपने माथे पर रखकर जुलूस निकालकर मां के जयकारे लगाएंगे। इनकी सुरक्षा के एसडीओपी सहित निरीक्षक और स्थानीय थाना क्षेत्रों के बल तालाब, जलाशय, नदी के पास तैनात किए गए हैं। इसके साथ अधिकारियों को सुरक्षा बरतने के साथ जवारा विसर्जन के लिए पहुंचने वाले लोगों को भी सुरक्षार्थ की सूचना देते हुए विसर्जन करने की अपील के निर्देश दिए हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला