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अनूपपुर: शांति और सौहार्द के बीच मना विजयादशमी का पर्व, 20 स्थानों पर हुआ रावण दहन

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अनूपपुर: शांति और सौहार्द के बीच मना विजयादशमी का पर्व, 20 स्थानों पर हुआ रावण दहन


अनूपपुर: शांति और सौहार्द के बीच मना विजयादशमी का पर्व, 20 स्थानों पर हुआ रावण दहन


अनूपपुर, 20 अक्टूबर (हि.स.)। बुराई पर अच्छाई, असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय के प्रतीक विजयादशमी का पर्व मंगलवार को अनूपपुर जिले में उत्साह, आस्था और सामाजिक सौहार्द के साथ मनाया गया।

शारदेय नवरात्र के समापन पर जहां मां दुर्गा की प्रतिमाओं को भावपूर्ण विदाई देते हुए विसर्जित किया गया, वहीं जिले के 29 निर्धारित स्थलों में से 20 स्थानों पर रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन कर अहंकार एवं बुराई के अंत का संदेश दिया गया। शेष 9 स्थानों पर बुधवार को रावण दहन होगा। जिलेभर में स्थापित 367 छोटी-बड़ी दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन और दशहरा आयोजनों के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे तथा पर्व शांति एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। तिथि को लेकर अलग-अलग मान्यताओं के चलते कुछ श्रद्धालु बुधवार को उदया तिथि की दशमी मानकर दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन करेंगे।

जिले में स्थापित हुईं 367 दुर्गा प्रतिमाएं

अनूपपुर जिला मुख्यालय सहित बिजुरी, पसान, जैतहरी, वेंकटनगर, चचाई, राजेंद्रग्राम और अमरकंटक समेत विभिन्न नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 367 छोटी-बड़ी दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित की गई थीं। मंगलवार को श्रद्धालुओं ने प्रतिमाओं को आकर्षक झांकियों के साथ विसर्जन के लिए निकाला। जुलूसों और विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा। जिला प्रशासन एवं जनभागीदारी के सहयोग से तैयार किए गए स्थायी कुंडों में भी प्रतिमाओं का विसर्जन कराया जा रहा है।

पॉलिटेक्निक कॉलेज के पास बने कुंड में हुआ विसर्जन

जिला मुख्यालय अनूपपुर में दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन पॉलिटेक्निक कॉलेज के समीप बनाए गए अस्थायी कुंड में कराया गया। प्रशासनिक व्यवस्था के बीच श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से मां दुर्गा को विदाई दी। जिले के अन्य विकासखंडों में भी दशहरा एवं प्रतिमा विसर्जन का आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

उत्कृष्ट विद्यालय मैदान में रावण दहन, राम के राज्याभिषेक का मंचन

अनूपपुर शहर में नवरात्र के समापन और विजयादशमी के अवसर पर उत्कृष्ट विद्यालय मैदान में रावण दहन एवं भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक पर आधारित कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों और गणमान्य नागरिकों की मौजूदगी में रावण के पुतले का दहन किया गया। मंच पर भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और गुरु वशिष्ठ की भूमिका में उपस्थित कलाकारों के नेतृत्व में श्रीराम द्वारा रावण का वध किए जाने का मंचन किया गया। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित हुए, जिनमें उपस्थित लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

जिलेभर में पर्व के दौरान शांति, सुरक्षा और सौहार्द बनाए रखने के लिए प्रशासनिक अमला सक्रिय रहा। विजयादशमी के आयोजनों ने लोगों को सत्य, धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला