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उज्जैनः आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज में जुटे देश के दक्ष ऑन्कोलॉजिस्ट

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उज्जैनः आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज में जुटे देश के दक्ष ऑन्कोलॉजिस्ट


उज्जैन, 26 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उज्जैन में आगर मार्ग स्थित आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज के नाद ब्रह्मा कन्वेंशन सेंटर में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला का रविवार को समापन हुआ। इस एमपी.सीजी चैप्टर रेडिएशन ऑन्कोलॉजी कॉन्फ्रेंस में देशभर के विशेषज्ञों ने कैंसर के इलाज पर मंथन किया।

इस वैज्ञानिक कार्यशाला में मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट, मेडिकल फिजिसिस्ट, रेजिडेंट्स और कैंसर केयर प्रोफेशनल्स शामिल हुए। यह कॉन्फ्रेंस कैंसर के क्षेत्र में ज्ञान के आदान-प्रदान, एकेडमिक चर्चा और नई रिसर्च के लिए हुई। कार्यशाला में प्रिसिजन रेडियोथेरेपी, उभरती तकनीकों, एविडेंस बेस्ड क्लिनिकल प्रैक्टिस और कैंसर मैनेजमेंट के मल्टीडिसिप्लिनरी अप्रोच पर एक्सपर्ट पैनल चर्चा हुई। वहीं केस आधारित विमर्श तथा ओरल व पोस्टर प्रेजेंटेशन हुए। पोस्टग्रेजुएट छात्रों और युवा ऑन्कोलॉजिस्ट ने भी भाग लेकर अपने रिसर्च और क्लिनिकल अनुभव साझा किए।

उज्जैन में उपलब्ध हैं नवीनतम उपचार सुविधाएंकार्यशाला के आयोजक एवं आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज के मेडिकल डायरेक्टर डॉ.वीके महाडिक ने बताया कि यह आयोजन निरंतर चिकित्सा शिक्षा और रिसर्च के माध्यम से कैंसर देखभाल को बेहतर बनाने के उद्देश्य से किया गया।

कार्यशाला में उज्जैन कैंसर सेंटर के अध्यक्ष डॉ.दिनेश पेंढारकर ने जानकारी दी कि सेंटर नवीनतम रेडिएशन मशीनों और आधुनिक तकनीक से सुसज्जित है। यहां जल्द ही पीईटी स्कैन सुविधा शुरू होने वाली है। यह राज्य का एकमात्र मेडिकल कॉलेज है जो कैंसर निदान के लिए नवीनतम एनजीएस और फ्लोसाइटोमेट्री सुविधाएं दे रहा है। साथ ही टार्गेटेड थेरेपी, इम्यूनोथेरेपी, प्रेसिजन ऑन्कोलॉजी, बोन मैरो ट्रांसप्लांट और कार टी सेल थेरेपी जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं यहां उपलब्ध हैं।

देश के कई जाने-माने विशेषज्ञ रहे उपस्थितकार्यशाला में देशभर के ख्यात कैंसर विशेषज्ञ शामिल हुए। इनमें एआरओआई के अध्यक्ष डॉ. हामिद घोरी, सचिव डॉ.सुरुचि सिंह, राष्ट्रीय कैंसर संस्थान और एम्स के रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग के पूर्व प्रमुख डॉ.जीके रथ, डॉ. एसएन सेनापति, डॉ.श्रीनिवासन वेकाटेसन, डॉ. जेपी अग्रवाल, डॉ. सिद्धार्थ लस्कर और डॉ.विवेक आनंद उपस्थित थे। आयोजन में सहयोगी डॉ.दिनेश पेंढारकर और डॉ. पीजी चितालकर रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / ललित ज्‍वेल