राजगढ़ः कलेक्टर ने की राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन अभियान की समीक्षा
राजगढ़, 09 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में गुरुवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित बैठक में कलेक्टर डाॅ.गिरीश कुमार मिश्रा ने राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन अभियान की समीक्षा की। उन्होंने टीबी मरीजों को बेहतर और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने के प्रयासों की जानकारी ली तथा टीबी चैंपियनों के अनुभव भी सुने।
कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने कहा कि टीबी अब लाइलाज बीमारी नहीं है। समय पर जांच, नियमित उपचार और समाज के सहयोग से इस बीमारी को पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन अभियान को जनभागीदारी से जोड़ने पर जोर देते हुए सभी विभागों और सामाजिक संगठनों से सक्रिय सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि टीबी को हराकर सामान्य जीवन जी रहे लोगों की प्रेरणादायक कहानियां अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाई जाएं, ताकि बीमारी से जुड़े भ्रम और सामाजिक भेदभाव खत्म हो तथा मरीज बिना झिझक इलाज कराएं।
बैठक में जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. मनीष कुमार ने स्लाइड प्रस्तुतीकरण के माध्यम से अभियान की उपलब्धियों, चुनौतियों और विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने टीबी मरीजों की पहचान, उपचार, निक्षय पोषण योजना, संपर्कों की जांच और सामुदायिक सहभागिता की समीक्षा प्रस्तुत की। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि संभावित मरीजों की समय पर जांच सुनिश्चित की जाए, उपचाराधीन मरीजों की नियमित मॉनिटरिंग हो और कोई भी मरीज बीच में दवा न छोड़े। इसके लिए स्वास्थ्य अमले को लगातार फॉलोअप करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने आमजन से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह या उससे अधिक समय तक लगातार खांसी, बुखार, वजन कम होना, रात में अधिक पसीना आना या बलगम में खून आने जैसे लक्षण दिखाई दें तो इसे नजरअंदाज न करें। निकटतम शासकीय स्वास्थ्य केंद्र पर टीबी की जांच और उपचार पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध है। बैठक में अभियान से जुड़े स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / मनोज पाठक

