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उज्जैन में ग्रीष्मकालीन बाल संस्कार शिविर का समापन

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उज्जैन में ग्रीष्मकालीन बाल संस्कार शिविर का समापन


उज्जैन , 20 अप्रैल (हि.स.)। उज्जैन में विश्वमांगल्य सभा, मालवा प्रांत के तत्वावधान में शहर बाल संस्कार सभा द्वारा महानंदा नगर स्थित भारतीय ज्ञानपीठ हाई सेकेंडरी स्कूल में आयोजित आठ दिवसीय ग्रीष्मकालीन बाल संस्कार शिविर का समापन सोमवार को हो गया। शिविर में 5 से 15 वर्ष तक के बच्चों ने भाग लेकर संस्कृति, संस्कार के साथ आत्मरक्षा के गुर सीखे।

शिविर में डॉ. स्मिता भवालकर, डॉ. उमा परमार और संगीता सोनी ने बच्चों को गीता उपदेश का सार समझाया। प्रशिक्षण के दौरान बच्चों को प्रज्ञा विवर्धन स्तोत्र, हनुमान चालीसा, शिव तांडव स्तोत्र तथा महिषासुर मर्दिनी स्तोत्र का पाठ सिखाया गया। खेलकूद और प्रश्नमंच जैसी रोचक गतिविधियां भी कराई गई। बच्चों में आत्मनिर्भरता और साहस के गुण विकसित करने के लिए रिद्धिमा सिंह चौहान द्वारा विशेष रूप से लाठी-काठी युद्धकला का प्रशिक्षण दिया गया।

समापन समारोह में मातृ पूजन, गीत-नृत्य-नाटिका और बच्चों द्वारा लाठी प्रदर्शन किया गया। बच्चों को पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र वितरित किए गए। अतिथि डॉ. उमा परमार, मालवा प्रांत संयोजक सुनीता पाटिल थी। मालवा प्रांत सदाचार सभा संयोजिका स्वाति भाटिया ने बाल गीत एवं मातृ पूजन संपन्न कराया। मालवा प्रांत बाल सभा संयोजिका अनुराधा कुलकर्णी ने शिविर की जानकारी दी और शहर उपाध्यक्ष शिल्पा जोशी ने संगठन की गतिविधियों पर प्रकाश डाला। शहर उपाध्यक्ष रमा वैद्य ने संगठन के नवीन पदों की घोषणा की। इसमें जयश्री शिम्पी और प्रियंका को बालसभा संयोजिका तथा वैशाली ब्रह्मे को सदाचार सभा सह संयोजिका (शिप्रा विहार) का पदभार सौंपा गया। अतिथि स्वागत शहर सदाचार सभा संयोजिका सुलभा काटे, माधुरी वेद, मंदा भांड, ब्रह्मा दीदी एवं परमार दीदी ने किया। संचालन वीणा मजूमदार ने किया। आभार शहर सचिव कल्पना शर्मा ने माना।

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हिन्दुस्थान समाचार / ललित ज्‍वेल