home page

सफलता केवल अपने लिए नहीं बल्कि समाज और राष्ट्र के लिए होनी चाहिए: विश्वास सारंग

 | 
सफलता केवल अपने लिए नहीं बल्कि समाज और राष्ट्र के लिए होनी चाहिए: विश्वास सारंग


भोपाल, 12 मई (हि.स)। देश में 1947 के बाद पुलों और कारखानों के निर्माण की बात तो बहुत हुई, लेकिन व्यक्ति निर्माण की बात कम हुई, जबकि व्यक्ति निर्माण के बिना राष्ट्र निर्माण संभव नहीं है। हमें ध्यान रखना चाहिए कि सफलता केवल अपने लिए नहीं बल्कि समाज और राष्ट्र के लिए होनी चाहिए।

ये बातें एमसीयू में प्रतिभा-2026 के पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश के खेल, युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने मंगलवार को अपने संबोधन में कहीं। उन्होंने इस अवसर पर विश्वविद्यालय के साथ अपने गहरे संबंधों को साझा किया।उन्होंने कहा राष्ट्र निर्माण और व्यक्ति निर्माण पर हमें विशेष ध्यान देना होगा।

श्री सारंग ने भगवान राम, श्रीकृष्ण, गांधी, भगत सिंह और राजगुरु जैसे नायकों का उदाहरण देते हुए बताया कि इन सबने युवावस्था में ही बड़े परिवर्तन किए थे। एक व्यावहारिक उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि यदि हॉल से निकलते समय आखिरी छात्र बिजली का बटन बंद कर देता है, तो वह भी देश के लिए एक बड़ा योगदान है। दर्शनशास्त्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया में केवल दो चीजें हैं प्लेजर (खुशी) और पेन (दर्द)। यदि हमें दूसरों के कष्ट को देखकर दर्द होता है, तभी हम सच्चे नागरिक बन सकते हैं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी की कालजयी कविता पुष्प की अभिलाषा की पंक्तियाँ सुनाकर युवाओं में जोश भर दिया।

सारंग ने दुष्यंत कुमार की मशहूर ग़ज़ल हो गई है पीर पर्वत सी पिघलना चाहिए के कुछ शेर भी अपने जोशीले अंदाज में सुनाकर विद्यार्थियों में उत्साह का संचार किया।

इस अवसर पर विद्यार्थियों के लिए विश्वास सारंग ने विश्वविद्यालय परिसर में एक अत्याधुनिक ‘‘ओपन जिम”खुलवाने की घोषणा भी की।

समारोह में अतिथियों के स्वागत के पश्चात विश्वविद्यालय के कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी ने विद्यार्थियों को उनकी उपलब्धियों एवं उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक एवं खेलकूद की गतिविधियां भी विद्यार्थियों के लिए आवश्यक हैं। ऐसी गतिविधियों से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व और टीम भावना का विकास होता है। इस अवसर पर कुलगुरू ने कहा कि इस शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ 20 अगस्त को माननीय मुख्यमंत्री और डॉ. कुमार विश्वास की उपस्थिति में हुआ था और आज का यह कार्यक्रम इस सत्र का अंतिम और औपचारिक समापन समारोह है। कुलगुरु ने हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में ‘‘उदंत मार्तंड” समाचार पत्र का एक फ्रेम भी मुख्य अतिथि को भेंट किया गया।

कार्यक्रम में दिल्ली से आए विशेष अतिथि इडियन कालेजिएट आर्टस एंड एथलेटिक्स एसोसिएशन के निदेशक एस. राजू ने खेल और परफार्मिंग आर्टस में करियर की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भारत में खेल उद्योग तेजी से बढ़ रहा है और भविष्य में माखनलाल विश्वविद्यालय के साथ एक एमओयू साइन करने की संभावना है, जिससे छात्रों को खेल पत्रकारिता और अन्य क्षेत्रों में वैश्विक अवसर मिल सकेंगे। इस अवसर पर सांस्कृतिक समन्वयक और कार्यक्रम के संचालक विवेक सावरीकर ने विश्वविद्यालय के प्लेसमेंट की जानकारी देते हुए बताया कि इस सत्र में छात्रों को 5.5 लाख रुपये तक का उच्चतम पैकेज मिला है।

इस आयोजन में प्रतिभा-2026 में प्रतिभागी और विजेताओं को पुरस्कार वितरण के बाद विद्यार्थियों द्वारा तैयार सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी दी गई। विद्यार्थियों ने काव्य पाठ प्रस्तुत किया तथा छात्राओं ने नृत्य की प्रस्तुतियां दीं।

कार्यक्रम का समन्वय सांस्कृतिक समन्वयक डा. उर्वशी परमार तथा विवेक सावरीकर ने किया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ प्रो. पी. शशिकला ने आभार माना। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विद्यार्थी, शिक्षक तथा अधिकारीगण उपस्थित थे।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / राजू विश्वकर्मा