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आरटीई में प्रवेश नहीं मिलने पर मासूम बच्चों का प्रदर्शन, तेज गर्मी में छाता लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे पालक

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मंदसौर, 26 मई (हि.स.)। मध्‍य प्रदेश के मंदसौर में शिक्षा के अधिकार (आरटीई) योजना के तहत स्कूल प्रवेश नहीं मिलने से नाराज पालकों और बच्चों ने मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय के बाहर धरना दिया। करीब 40 डिग्री तापमान के बीच छोटे-छोटे बच्चे छाता लेकर अपने माता-पिता के साथ प्रदर्शन करते नजर आए।

मामला सेंट थॉमस स्कूल में नर्सरी प्रवेश से जुड़ा है। पालकों का आरोप है कि आरटीई योजना के तहत ऑनलाइन लॉटरी में चयन होने के बावजूद स्कूल प्रबंधन ने बच्चों को प्रवेश देने से इनकार कर दिया।

प्रदर्शन कर रहे पालकों ने बताया कि सत्र 2026-27 के लिए उनके बच्चों का चयन ऑनलाइन प्रक्रिया में हुआ था और 15 अप्रैल 2026 तक प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने का संदेश भी प्राप्त हुआ था, लेकिन जब वे स्कूल पहुंचे तो प्रवेश देने से मना कर दिया गया। बाद में आवंटन निरस्त होने का संदेश भी भेज दिया गया।

पालकों का कहना है कि वे इस मामले को लेकर कलेक्टर कार्यालय, जनसुनवाई और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 तक शिकायत कर चुके हैं। इसके अलावा स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से भी मुलाकात की गई, लेकिन अब तक समाधान नहीं निकला।

मंगलवार सुबह करीब 11:30 बजे बड़ी संख्या में बच्चे और उनके अभिभावक कलेक्ट्रेट पहुंचे और धरने पर बैठ गए। इस दौरान तहसीलदार, एसडीएम और अपर कलेक्टर ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन पालक अपनी मांग पर अड़े रहे।

बाद में कलेक्टर ने जिला पंचायत सदस्य दीपक सिंह गुर्जर और कुछ पालकों को चर्चा के लिए बुलाया। करीब आधे घंटे चली बैठक के बाद दीपक सिंह गुर्जर ने बताया कि प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है।

उन्होंने बताया कि अब आरटीई प्रवेश प्रक्रिया को ऑफलाइन माध्यम से पूरा कराने की तैयारी की जा रही है। कलेक्टर ने कुछ स्कूलों की सूची पर भी चर्चा की और समाधान के लिए करीब 10 दिन का समय मांगा है। पालकों को आश्वासन दिया गया कि संबंधित स्कूलों में आरटीई के तहत बच्चों को प्रवेश दिलाया जाएगा। आश्वासन मिलने के बाद दोपहर करीब पौने दो बजे धरना समाप्त कर दिया गया।

हिन्दुस्थान समाचार / अशोक झलोया