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दतिया : 9 साल बाद भी शुरू नहीं हुआ मिट्टी परीक्षण केंद्र, भवन में पड़ने लगी दरारें

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दतिया : 9 साल बाद भी शुरू नहीं हुआ मिट्टी परीक्षण केंद्र, भवन में पड़ने लगी दरारें


भांडेर, दतिया 05 मई (हि.स.)। किसानों को मिट्टी की गुणवत्ता की सही जानकारी देने के उद्देश्य से तैयार किया गया मृदा परीक्षण केंद्र वर्षों से बंद पड़ा है। मध्य प्रदेश के दतिया जिले के सरसई रोड पर करीब 36 लाख रुपये की लागत से निर्मित यह प्रयोगशाला बीते नौ वर्षों से लोकार्पण के इंतजार में है, जिससे न केवल इसका उपयोग नहीं हो पा रहा, बल्कि अब भवन में दरारें भी पड़ने लगी हैं।

जानकारी के अनुसार इस मृदा परीक्षण प्रयोगशाला का निर्माण मई 2017 में ही पूरा हो गया था। इसका उद्देश्य आसपास के 40 से अधिक गांवों के किसानों को उनके खेत की मिट्टी की जांच की सुविधा उपलब्ध कराना था, ताकि वे फसलों के अनुसार उर्वरकों का सही उपयोग कर सकें, लेकिन अब तक इस केंद्र को शुरू नहीं किया गया है।

उल्लेखनीय है कि खेती में मिट्टी की उर्वरा शक्ति का विशेष महत्व होता है। लगातार रासायनिक उर्वरकों के उपयोग से मिट्टी के पोषक तत्वों में बदलाव आता है, जिससे उत्पादन पर असर पड़ता है। ऐसे में मिट्टी परीक्षण के माध्यम से किसानों को सही मार्गदर्शन मिल सकता है, लेकिन स्थानीय स्तर पर सुविधा नहीं होने के कारण उन्हें दतिया तक जाना पड़ रहा है।

स्थानीय किसान देवेंद्र शर्मा का कहना है कि सरकार ने लाखों रुपये खर्च कर भवन तो बना दिया, लेकिन उसे शुरू न करने से पूरा उद्देश्य अधूरा रह गया है। समय के साथ भवन की स्थिति भी खराब होने लगी है, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग की स्थिति बन रही है।

ग्रामीणों और किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द मृदा परीक्षण केंद्र का लोकार्पण कर इसे शुरू किया जाए, ताकि क्षेत्र के किसानों को इसका लाभ मिल सके और खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजू विश्वकर्मा