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शहडोल: 10 साल से लापता युवक को सिंहपुर पुलिस ने भाई से मिलाया

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शहडोल: 10 साल से लापता युवक को सिंहपुर पुलिस ने भाई से मिलाया


शहडोल, मध्य प्रदेश, 14 अगस्त (हि.स.)। खाकी वर्दी सिर्फ कानून-व्यवस्था संभालने तक सीमित नहीं है, जरूरत पड़ने पर पुलिस इंसानियत की जिम्मेदारी भी निभाती है। सिंहपुर पुलिस ने संवेदनशीलता की मिसाल पेश करते हुए करीब 10 वर्षों से परिवार से बिछड़े एक युवक को शुक्रवार को उसके भाई से मिलाकर सकुशल घर पहुंचाने का सराहनीय कार्य किया है।

जानकारी के अनुसार 11 अगस्त को स्थानीय ग्रामीणों ने सिंहपुर थाने के प्रधान आरक्षक मनोज शुक्ला को बताया कि पिछले 4-5 वर्षों से एक व्यक्ति सिंहपुर के जंगल में रह रहा है। वह आसपास के गांवों में भीख मांगकर भोजन करता है और फिर जंगल लौट जाता है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए प्रधान आरक्षक ने थाना प्रभारी आशीष झारिया के मार्गदर्शन में युवक को थाने बुलाया।

पुलिस ने पूछताछ से पहले उसकी मानवीय जरूरतों का ध्यान रखा। उसे नहलाया-धुलाया गया, भोजन कराया गया और रात में सुरक्षित रहने की व्यवस्था की गई। युवक अपना नाम पंकज मंडल और बिहार का निवासी बताने का प्रयास कर रहा था, लेकिन वह ठीक से बातचीत नहीं कर पा रहा था। पुलिस को उसके मानसिक रूप से कमजोर होने की भी जानकारी मिली।

सोशल मीडिया से शुरू हुई तलाश

युवक की पहचान और उसके परिवार तक पहुंचने के लिए सिंहपुर पुलिस ने सोशल मीडिया और व्हाट्सएप के माध्यम से जानकारी जुटानी शुरू की। लगातार प्रयासों के बाद युवक का संबंध बिहार के भागलपुर जिले के गोरियासी मंडल परिवार से होने की जानकारी सामने आई। पुलिस ने परिजनों से संपर्क कर युवक के बारे में सूचना दी। शुक्रवार को उसका भाई आधार कार्ड लेकर सिंहपुर थाने पहुंचा। सामने आते ही उसने युवक को पहचान लिया। भाई ने बताया कि वह करीब 10 वर्षों से लापता था। परिवार ने उसकी लंबे समय तक तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल सका था।

भाई को सामने देख छलक उठीं आंखें

करीब एक दशक बाद अपने भाई को सकुशल सामने देखकर परिजनों की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। भाई ने सिंहपुर पुलिस का आभार जताते हुए कहा कि पुलिस के प्रयासों से ही उसका बिछड़ा भाई वापस मिल सका।

पुलिस की इस पहल की क्षेत्र के ग्रामीणों ने भी सराहना की। ग्रामीणों का कहना है कि असहाय और मानसिक रूप से कमजोर व्यक्ति को सहारा देकर उसके परिवार तक पहुंचाना पुलिस की संवेदनशीलता और मानवीयता का उत्कृष्ट उदाहरण है।

पूरे मामले में थाना प्रभारी आशीष झारिया के मार्गदर्शन और प्रधान आरक्षक मनोज शुक्ला की सक्रिय भूमिका की सराहना की जा रही है। ग्रामीणों ने कहा कि इस तरह की पहल पुलिस और आम जनता के बीच विश्वास को और मजबूत करती है।

मनीष शुक्ला

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला