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सिंहस्थ 2028 के निर्माण कार्य भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधा के अनुसार करें: एसीएस दुबे

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सिंहस्थ 2028 के निर्माण कार्य भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधा के अनुसार करें: एसीएस दुबे


- सिंहस्थ 2028 में अनुमानित 6 करोड़ श्रद्धालु पहुंचेंगे ओंकारेश्वर, एसीएस दुबे ने की निर्माण कार्यों की समीक्षा

इंदौर, 24 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अपर प्रमुख सचिव (एसीएस) संजय दुबे ने शुक्रवार को सिंहस्थ 2028 से संबंधित विभिन्न निर्माण कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि सिंहस्थ 2028 के लिए ओंकारेश्वर में किए जाने वाले सभी निर्माण कार्यों में भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधा को दृष्टिगत रखा जाए।

एसीएस दुबे ने निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में सिंहस्थ के व्यस्ततम समय के लिए अनुमानित दर्शन क्षमता के अनुरूप भीड़ प्रबंधन के लिए होल्डिंग एरिया, आमजन और विशिष्टजन के लिए पृथक कारिडोर तथा आपातकालीन चिकित्सा रूट की व्यवस्था की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पार्किंग क्षेत्र में ईवी चार्जिंग प्वाइंट, ई-कार्ट, बैटरी संचालित साइकिल और व्हीलचेयर की व्यवस्था की जाए। उन्होंने पैदल चलने वाले दर्शनार्थियों के लिए थोड़ी थोड़ी दूरी पर पेयजल की व्यवस्था करने तथा घाटों के समीप कुंड तैयार किए जाने के निर्देश दिए।

अपर मुख्य सचिव दुबे ने सिंहस्थ 2028 से संबंधित विभिन्न निर्माण कार्यों की टेंडर की स्थिति, बजट प्रावधान और निर्माणाधीन कार्यों की वर्तमान स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि कुबेर भंडारी और ट्रेंचिंग ग्राउंड पर तैयार किए जाने वाली पार्किंग सुविधा के लिए मास्टरप्लान के अनुरूप वन अनुमति शीघ्र प्राप्त की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि गृह विभाग के जवानों की मंदिर, घाट, पार्किंग, इत्यादि क्षेत्रों के सम्बन्ध में स्पॉट ट्रेनिंग कर केवल प्रशिक्षण वाले क्षेत्र में ही तैनाती किया जाना सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में खण्डवा जिला कलेक्टर ऋषभ गुप्ता ने बताया कि सिंहस्थ 2028 में करीब छह करोड़ श्रद्धालुओं का ओंकारेश्वर पहुंचना अनुमानित है। उन्होंने सिंहस्थ 2028 के दृष्टिगत श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मोरटक्का रेलवे स्टेशन, कोठी से ओंकारेश्वर लेफ्ट बाईपास और ओंकारेश्वर से कोठी राइट बाईपास रोड और अन्य अधोसंरचना विकास कार्यों की जानकारी दी।

बैठक में प्रबंध संचालक, मप्र पर्यटन विकास निगम डॉ इलैयाराजा टी सहित गृह, स्वास्थ्य, वन, लोक निर्माण- भवन, सेतु व सड़क, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग; तथा नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण, नगर एवं ग्राम निवेश, मप्र विद्युत वितरण कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर