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शराब दुकान के खिलाफ भड़का जनआक्रोश, तोड़फोड़ के बाद सड़क पर बिखरी शराब की पेटियां

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शराब दुकान के खिलाफ भड़का जनआक्रोश, तोड़फोड़ के बाद सड़क पर बिखरी शराब की पेटियां


शराब दुकान के खिलाफ भड़का जनआक्रोश, तोड़फोड़ के बाद सड़क पर बिखरी शराब की पेटियां


महिलाओं ने संभाला मोर्चा, दुकान हटाने की मांग पर प्रदर्शन; पुलिस और प्रदर्शनकारियों में धक्का-मुक्की

शिवपुरी, 10 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा क्षेत्र स्थित अमोलपठा में शराब दुकान के विरोध में गुरुवार को ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। बड़ी संख्या में महिलाएं और ग्रामीण शराब दुकान हटाने तथा गांव-गांव कथित रूप से हो रही अवैध शराब बिक्री पर रोक लगाने की मांग को लेकर सड़क पर उतर आए। देखते ही देखते प्रदर्शन उग्र हो गया और आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने शराब दुकान से शराब की पेटियां बाहर निकाल दीं। दुकान के सामान को भी नुकसान पहुंचाया गया।

घटनास्थल पर शराब की बोतलों के टूटे अवशेष, क्षतिग्रस्त कार्टन और बिखरा सामान नजर आया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और आबकारी विभाग के अमले से प्रदर्शनकारियों की झड़प की स्थिति भी बनी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस द्वारा हल्का बल प्रयोग किए जाने की बात सामने आई है। वहीं प्रदर्शनकारियों की ओर से भी पुलिस के साथ हाथापाई किए जाने की जानकारी है।

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शराब दुकान के विरोध में महिलाओं की बड़ी संख्या में भागीदारी रही। महिलाओं का कहना था कि शराब दुकान के संचालन से क्षेत्र के सामाजिक माहौल पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि दुकान की आड़ में आसपास के गांवों में कमीशन के आधार पर अलग-अलग स्थानों पर शराब पहुंचाकर कथित रूप से अवैध बिक्री की जा रही है।

ग्रामीणों के अनुसार गांवों में शराब आसानी से उपलब्ध होने का असर सीधे परिवारों पर पड़ रहा है। महिलाओं ने सवाल उठाया कि यदि गांव-गांव शराब पहुंचाए जाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं तो संबंधित विभाग इस पर प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा।

ग्रामीण और महिलाएं शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर आबकारी विभाग को ज्ञापन सौंपने पहुंचे थे। ज्ञापन में शराब दुकान के संचालन और उसके स्थान के संबंध में कार्रवाई करने के साथ ही आसपास कथित रूप से चल रही अवैध शराब बिक्री की जांच कराने की मांग की गई थी, हालांकि ज्ञापन सौंपने के बाद स्थिति अचानक बिगड़ गई और आक्रोशित लोग शराब दुकान तक पहुंच गए। यहां दुकान में रखी शराब की पेटियां बाहर निकाल दी गईं और तोड़फोड़ की गई। इसके बाद मौके पर तनाव की स्थिति निर्मित हो गई।

स्थिति की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और आबकारी विभाग का अमला मौके पर पहुंचा। प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के दौरान दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और झड़प की स्थिति बनी। पुलिस द्वारा भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग किए जाने की बात सामने आई है। दूसरी ओर प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।

घटना के बाद अमोलपठा क्षेत्र में शराब दुकान का मुद्दा और गरमा गया है। ग्रामीणों और महिलाओं की मांग है कि शराब दुकान को हटाने के साथ ही गांवों में कथित अवैध शराब बिक्री की शिकायतों की जांच कर प्रभावी कार्रवाई की जाए।

अमोलपठा में सामने आया यह घटनाक्रम आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रहा है। ग्रामीणों द्वारा गांव-गांव कथित अवैध शराब बिक्री के आरोप लगाए जाने के बाद अब यह सवाल भी उठ रहा है कि इन शिकायतों पर जिम्मेदार विभाग की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है। पुलिस अधीक्षक शिवपुरी यांगचेंग डोलकर भूटिया ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए उचित कार्रवाई की जा रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / युगल किशोर शर्मा