सीहोर: कुबेरेश्वरधाम पर सादगी के साथ मनेगी जन्माष्टमी, 4 सितंबर को होगा राधा नाम संकीर्तन
- मुरली मनोहर मंदिर में भादो में भी सीवन नदी से कांवड़ लेकर पहुंच रहे श्रद्धालु
सीहोर, 31 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सीहोर जिला मुख्यालय के समीपस्थ प्रसिद्ध कुबेरेश्वरधाम में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी जन्माष्टमी का पर्व सादगी और श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा। आगामी 4 सितंबर को आयोजित होने वाले धार्मिक कार्यक्रम को लेकर तैयारियां की जा रही हैं।
सावन समाप्ति के बाद भादो माह में भी श्रद्धालुओं की आस्था का सिलसिला लगातार जारी है। यहां नवनिर्मित मुरली मनोहर मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर भगवान के दर्शन एवं पूजा-अर्चना कर रहे हैं। सोमवार को भी हजारों श्रद्धालुओं ने धाम पहुंचकर मंदिर परिसर में भगवान के दर्शन किए। श्रद्धालुओं में विशेष रूप से मुरली मनोहर मंदिर को लेकर उत्साह नजर आया, जहां एक ही परिसर में सतयुग, त्रेता और द्वापर युग से जुड़े धार्मिक स्वरूपों के दर्शन करने का अवसर श्रद्धालुओं को मिल रहा है।
सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के पहुंचने का क्रम शुरू हो गया था। विठलेश सेवा समिति की ओर से पंडित विनय मिश्रा, पंडित समीर शुक्ला सहित सेवादारों ने भगवान को भोग अर्पित किया। इसके पश्चात श्रद्धालुओं के बीच प्रसादी का वितरण किया गया। मंदिर परिसर में दिनभर धार्मिक वातावरण बना रहा और श्रद्धालु भक्ति भाव के साथ पूजा-अर्चना करते नजर आए।
4 सितंबर को जन्माष्टमी, रात 9 बजे राधा नाम संकीर्तन
कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के मार्गदर्शन में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी कुबेरेश्वरधाम पर जन्माष्टमी का पर्व सादगी और श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा। आगामी 4 सितंबर को आयोजित होने वाले धार्मिक कार्यक्रम को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। जन्माष्टमी के अवसर पर रात्रि 7 बजे भगवान का विशेष अभिषेक एवं श्रृंगार दर्शन कराया जाएगा। इसके पश्चात रात्रि 9 बजे राधा नाम संकीर्तन का दिव्य आयोजन होगा। श्रद्धालु भक्ति संगीत और संकीर्तन के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की आराधना करेंगे। आयोजन को सादगी के साथ आयोजित करने का निर्णय लिया गया है, ताकि श्रद्धालु शांतिपूर्ण वातावरण में भगवान के दर्शन और धार्मिक कार्यक्रमों में सहभागिता कर सकें।
भादो में भी कांवड़ लेकर पहुंच रहे शिवभक्त
सावन माह का कांवड़ मेला समाप्त होने के बाद भी भगवान शिव के भक्तों का धाम पहुंचने का सिलसिला थमा नहीं है। भादो माह में राजस्थान, महाराष्ट्र सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु कुबेरेश्वरधाम पहुंच रहे हैं। कई श्रद्धालु शहर के सीवन नदी के तट से पवित्र जल लेकर करीब 11 किलोमीटर पैदल कांवड़ यात्रा करते हुए धाम पहुंच रहे हैं और भगवान शिव को जल अर्पित कर रहे हैं। राजस्थान और महाराष्ट्र से आए श्रद्धालुओं ने बताया कि सावन और भादो में कुबेरेश्वरधाम आकर भगवान शिव को जल अर्पित करने की उनकी विशेष आस्था है। लंबी दूरी और मौसम की कठिनाइयों के बावजूद श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ यात्रा पूरी कर रहे हैं। रास्ते में उनके मुख से हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारे सुनाई दे रहे हैं।
आस्था के प्रमुख केंद्र के रूप में पहचान
विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के मार्गदर्शन और प्रेरणा से हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु कुबेरेश्वरधाम पहुंचते हैं। धाम पर वर्षभर धार्मिक पर्व और आयोजन श्रद्धा एवं आध्यात्मिक वातावरण में मनाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि 4 सितंबर को जन्माष्टमी का पर्व भी सादगी के साथ मनाया जाएगा। भगवान के अभिषेक एवं श्रृंगार दर्शन के साथ रात्रि में राधा नाम संकीर्तन का आयोजन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहेगा। सोमवार को धाम पर पहुंचे श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना के साथ मंदिर परिसर में दर्शन किए। भोग एवं प्रसादी वितरण के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
मुरली मनोहर मंदिर परिसर में भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति से जुड़ा वातावरण नजर आया। वहीं दूसरी ओर शिवभक्तों के कांवड़ लेकर पहुंचने से पूरा धाम हर-हर महादेव और जय महादेव के जयघोष से गूंजता रहा। जन्माष्टमी महोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह है और 4 सितंबर को होने वाले अभिषेक, श्रृंगार दर्शन तथा राधा नाम संकीर्तन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत

